मोहम्मद दीपक का विवाद रुद्रपुर पहुँचा , इधर झारखंड के स्वास्थ मंत्री इरफान अंसारी ने दीपक को दो लाख इनाम देने की घोषणा की ।
मोहम्मद दीपक का विवाद रुद्रपुर पहुँचा , इधर झारखंड के स्वास्थ मंत्री इरफान अंसारी ने दीपक को दो लाख इनाम देने की घोषणा की ।
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उत्तराखंड के कोटद्वार में शुरू हुआ ‘मोहम्मद दीपक’ विवाद अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुका है। झारखंड के स्वास्थ मंत्री इरफान अंसारी ने दीपक को दो लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है ।आप सोच रहे होंगे की आखिर ऐसा क्या हुआ जो मंत्री जी इनाम दे रहे है दरअसल यह मामला मूल रूप से एक दुकान के नाम से जुड़ा है, लेकिन अब यह इंसानियत, सांप्रदायिक सद्भाव ला प्रतीक बन गया है। सोशल मीडिया पर #MohammadDeepak और #IStandWithMohammadDeepak जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जबकि कुछ विरोधी पक्ष इसका विरोध कर रहे है ।
विवाद की शुरुआत: ‘बाबा’ नाम वाली दुकान
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार शहर में पटेल मार्ग पर एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार की दुकान का नाम “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर” है। यह दुकान लगभग 30 साल पुरानी है। कुछ दिन पहले बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने दुकानदार से नाम से “बाबा” शब्द हटाने की मांग की। उनका दावा था कि “बाबा” सिद्धबली बाबा (हनुमान मंदिर) से जुड़ा पवित्र नाम है, इसलिए इसे मुस्लिम दुकानदार द्वारा इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने दुकानदार को धमकाया और दबाव बनाया, जिससे तनाव बढ़ गया। बुजुर्ग दुकानदार ने विरोध जताया और कहा कि नाम दशकों से चला आ रहा है, इसमें कोई गलत इरादा नहीं है।
दीपक कुमार का हस्तक्षेप और ‘मोहम्मद दीपक’ वाला बयान
स्थानीय जिम संचालक और ट्रेनर दीपक कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर दुकानदार का साथ दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बहस की और कहा कि मुस्लिम भी देश के नागरिक हैं, दुकान का नाम बदलने की क्या जरूरत है। जब भीड़ ने उनका नाम पूछा, तो दीपक ने जवाब दिया: “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।”
यह बयान वीडियो में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दीपक का मकसद था इंसानियत और एकता दिखाना—धर्म से ऊपर उठकर कहना कि पहचान इंसान होने की है, न कि धर्म की। बाद में उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा:
“मैंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि इंसान की पहचान धर्म से तय नहीं होनी चाहिए। पहले इंसान हूं, फिर सब कुछ। अच्छा काम करने के बाद भी मुझ पर केस हो गया, लेकिन मैं दोबारा भी ऐसा करूंगा।”
पुलिस कार्रवाई और विरोध प्रदर्शन
वीडियो वायरल होने के बाद बजरंग दल ने दीपक के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनके जिम के बाहर हंगामा हुआ, नारेबाजी की गई।
पुलिस ने दीपक और एक अन्य व्यक्ति विजय रावत के खिलाफ FIR दर्ज की (धारा: सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना, अभद्र व्यवहार, दंगा भड़काना )।
दुकानदार की शिकायत पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी FIR हुई।
31 जनवरी और 1 फरवरी को विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया।
पुलिस के हस्तक्षेप से समझौता हुआ: दुकान का नाम “बाबा” ही रहेगा, और आगे विरोध नहीं होगा।
विवाद का फैलाव: रुद्रपुर तक पहुंचा
कोटद्वार के बाद विवाद उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर पहुंच गया। यहां जिम संचालक मोहित चोपड़ा ने दीपक के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया: “मैं भी मोहम्मद दीपक”। उन्होंने 3 फरवरी को कोटद्वार जाने का भी ऐलान किया।इस पर VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मोहित के जिम के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इलाके में तनाव बढ़ा, पुलिस अलर्ट पर है।
सोशल मीडिया और राजनीतिक प्रतिक्रिया
एंसोशल मीडिया पर लोग “मैं भी मोहम्मद दीपक” लिखकर समर्थन जता रहे हैं। #MohammadDeepak ट्रेंड कर रहा है।
राहुल गांधी ने एक्स पर दीपक को “हीरो” बताया: “दीपक भारत के हीरो हैं। वे संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं।”
झारखंड के मंत्री इमरान अंसारी ने दीपक को 2 लाख रुपये देने और सम्मानित करने का ऐलान किया।
BJP ने आरोप लगाया कि दीपक कांग्रेस से जुड़े हैं और माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है।
दीपक का जिम बंद हो गया है, परिवार डरा हुआ है।
वर्तमान स्थिति
कोटद्वार में समझौता हो चुका है, लेकिन सोशल मीडिया और अन्य शहरों में विवाद जारी है। पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई बड़ा बवाल न हो। यह मामला अब सिर्फ एक दुकान के नाम का नहीं रहा—यह धार्मिक नामों, पहचान, इंसानियत और सांप्रदायिक सद्भाव पर बहस का प्रतीक बन गया है।

















