बिहार की सियासत में भूचाल! पटना हाईकोर्ट ने स्पीकर प्रेम कुमार समेत 42 विधायकों को जारी किया नोटिस
पटना : बिहार विधानसभा के 42 विधायकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को इन विधायकों को नोटिस जारी कर दिया है। मामला चुनाव के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्र (एफिडेविट) में कथित अनियमितताओं और तथ्यों को छिपाने से जुड़ा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नोटिस पाने वालों में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के अलावा ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा, विधायक चेतन आनंद और गोह से राजद विधायक अमरेंद्र प्रसाद जैसे बड़े नाम शामिल हैं। ये विधायक बीजेपी, जेडीयू और राजद जैसे विभिन्न दलों से हैं, यानी यह मामला पक्ष-विपक्ष दोनों को प्रभावित कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
चुनाव में हारे प्रत्याशियों और कुछ मतदाताओं ने याचिकाएं दायर कर नामांकन की वैधता पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि इन विधायकों ने नामांकन के समय फॉर्म-26 में शपथ पत्र दाखिल किया, लेकिन इसमें कुछ पैराग्राफ खाली छोड़ दिए गए या आपराधिक मामले, संपत्ति-देनदारी आदि की पूरी और सही जानकारी नहीं दी गई। निर्धारित प्रारूप के अनुसार सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य होता है।
पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट शशि भूषण मंगलम ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शपथ पत्र में तथ्यों की छिपाने या अधूरी जानकारी देने के आरोप पर कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद सभी 42 विधायकों से जवाब तलब किया है।
अगर आरोप साबित हुए तो क्या होगा?
ऐसे मामलों में अगर कोर्ट को गड़बड़ी साबित होती है, तो संबंधित विधायकों की सदस्यता रद्द हो सकती है और चुनावी प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ सकता है। यह बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर ला सकता है।
कोर्ट ने विधायकों को निर्धारित समय में लिखित स्पष्टीकरण दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि यह नोटिस कितना गंभीर साबित होता है।

















