चार दिवसीय मूर्तिकला प्रायोगिक कक्षा संचालित.
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के द्वारा संचालित 1 वर्षीय पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन ट्राईबल आर्ट एंड क्राफ्ट के अंतर्गत आज 4 दिवसीय मूर्तिकला प्रायोगिक कक्षाएं का दुसरा दिन था। भारतीय लोक कल्याण संस्थान, कला एवं शिल्प प्रशिक्षण केंद्र, चुटिया, रांची में इस चार दिवसीय मूर्तिकला के प्रशिक्षक के रूप में झारखंड के जाने माने मूर्तिकार श्री दिलेश्वर लोहरा जी झारखण्ड के युवा कलाकार जो आर्ट एंड क्राफ्ट के कलाकारों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मूर्तिकला के दुसरे दिन में उन्होंने मूर्तिकला में मिट्टी से पोट्रेट (व्यक्तिचित्र) तैयार करने की विधि और उनके आधारभूत जानकारियां दी गई। क्ले मॉडलिंग में पोट्रेट के लिए लकड़ी का आर्मेचर तैयार कर उस आर्मेचर में मिट्टी लगाकर पोट्रेट तैयार किया जाता है। मिट्टी से व्यक्ति का नाक, मुंह, आंख और हाव भाव के साथ आकृति पैदा करना और विद्यार्थियों को भी मिट्टी के आकार देने सिखाएं इस प्रकार झारखंड में मूर्ति कला में काफी कम कलाकार सामने आते हैं। इस प्रयास से झारखंड में अच्छे मूर्ति कला के कलाकार सामने आएंगे और अपनी प्रतिभा को दिखाएंगे यह प्रयास इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं भारतीय लोक कल्याण संस्थान के सहयोग से झारखंड की राजधानी रांची में संभव हो पाई।

















