होली से पहले बहनों को बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की जनवरी-फरवरी की किस्तें जारी
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : होली पर्व के ठीक पहले झारखंड सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत सिमडेगा जिले में जनवरी और फरवरी माह की सम्मान राशि का भुगतान पूरा कर दिया है। इस योजना के माध्यम से जिले की हजारों बहनों के बैंक खातों में कुल 44 करोड़ 60 लाख 35 हजार रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे उन्हें होली के त्योहार पर खुशियां मनाने में मदद मिलेगी।
जिला उपायुक्त (डीसी) कंचन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, आशा मैक्सिमा लकड़ा को समय से पहले भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया था। दोनों महीनों की राशि आधार-लिंक्ड बैंक खातों में डायरेक्ट ट्रांसफर के जरिए पहुंचाई गई है।
जनवरी माह की राशि का विवरण:
कुल लाभुक: 89,213
प्रति लाभुक राशि: 2,500 रुपये
कुल राशि: 22 करोड़ 30 लाख 32 हजार 500 रुपये
फरवरी माह की राशि का विवरण:
कुल लाभुक: 89,201
प्रति लाभुक राशि: 2,500 रुपये
कुल राशि: 22 करोड़ 30 लाख 2 हजार 500 रुपये
कुल ट्रांसफर राशि दोनों महीनों की: 44 करोड़ 60 लाख 35 हजार रुपये
प्रखंडवार लाभुकों की संख्या (जनवरी माह):
1. कुरडेग – 6,647
2. सिमडेगा – 11,903
3. पाकरटांड़ – 6,111
4. बानो – 12,301
5. बोलबा – 3,662
6. कोलेबिरा – 9,676
7. ठेठईटांगर – 14,673
8. जलडेगा – 8,968
9. नगर परिषद – 6,058
10. बांसजोर – 3,978
11. केरसई – 5,236
प्रखंडवार लाभुकों की संख्या (फरवरी माह):
1. कुरडेग – 6,647
2. सिमडेगा – 11,903
3. पाकरटांड़ – 6,110
4. बानो – 12,299
5. बोलबा – 3,661
6. कोलेबिरा – 9,674
7. ठेठईटांगर – 14,673
8. जलडेगा – 8,966
9. नगर परिषद – 6,054
10. बांसजोर – 3,978
11. केरसई – 5,236
सहायक निदेशक आशा मैक्सिमा लकड़ा ने कहा, “होली पर्व को ध्यान में रखते हुए भुगतान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की गई है। प्रत्येक लाभुक तक समय पर राशि पहुंचाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल हुआ। यह योजना जिले की हजारों बहनों को मासिक आर्थिक संबल प्रदान कर रही है, जिससे उनके परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।”
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की प्रमुख महिला सशक्तिकरण योजनाओं में से एक है, जिसके तहत 18 से 50 वर्ष की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाने और परिवार की बेहतरी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

















