दहेज के लिए जिंदा जलाने के आरोपी, पति विपिन भाटी का पुलिस ने किया एनकाउंटर में पैर में लगी गोली
दहेज के लिए जिंदा जलाने के आरोपी, पति विपिन भाटी का पुलिस ने किया एनकाउंटर में पैर में लगी गोली
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में दहेज के लालच में एक महिला की निर्मम हत्या ने पूरे देश में दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मृतका निक्की पायला (उम्र लगभग 26-28 वर्ष) को कथित तौर पर उसके पति विपिन भाटी और ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। इस भयावह घटना का खुलासा निक्की के 6-7 साल के मासूम बेटे ने किया, जिसने बताया कि “पापा ने मम्मी को लाइटर से आग लगा दी।” इस मामले में पुलिस ने विपिन भाटी को गिरफ्तार किया था, लेकिन रविवार, 24 अगस्त 2025 को ग्रेटर नोएडा के सिरसा चौराहे के पास पुलिस के साथ मुठभेड़ में विपिन के पैर में गोली लगी। आइए, इस पूरी घटना को विस्तार से समझते हैं।
घटना का विवरण: दहेज की मांग और क्रूरता
निक्की पायला की शादी दिसंबर 2016 में सिरसा गांव, ग्रेटर नोएडा के निवासी विपिन भाटी से हुई थी। निक्की की बड़ी बहन कंचन की शादी भी उसी परिवार में विपिन के भाई रोहित भाटी से हुई थी। निक्की के पिता भिखारी सिंह और परिजनों के अनुसार, शादी के समय दहेज में स्कॉर्पियो कार, बुलेट मोटरसाइकिल और अन्य सामान दिया गया था। इसके बावजूद, विपिन और उसके परिवार (सास दया, ससुर सत्यवीर, और जेठ रोहित) लगातार 35-36 लाख रुपये की अतिरिक्त दहेज की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर निक्की और उसकी बहन कंचन को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
गुरुवार, 21 अगस्त 2025 की रात को यह क्रूरता चरम पर पहुंच गई। कंचन के अनुसार, निक्की को उसके पति विपिन और सास दया ने बेरहमी से पीटा। इसके बाद, निक्की के 6-7 साल के बेटे के सामने उस पर ज्वलनशील पदार्थ (पुलिस के अनुसार, संभवतः थिनर या पेट्रोल) डाला गया और लाइटर से आग लगा दी गई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें निक्की को जलते हुए और सीढ़ियों से लड़खड़ाते हुए देखा जा सकता है। कंचन ने बताया कि उसने यह भयावह दृश्य अपनी आंखों के सामने देखा और वीडियो बनाया, जिसमें विपिन और उसकी मां निक्की को मारते और जलाते दिखाई दे रहे हैं।
निक्की को तुरंत फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के कारण उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, रास्ते में ही निक्की ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने न केवल निक्की के परिवार को तोड़ दिया, बल्कि उनके मासूम बेटे पर भी गहरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाला, जिसने अपनी मां की हत्या की भयावहता को अपनी आंखों से देखा।
पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर
घटना की सूचना मिलते ही कासना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निक्की की बहन कंचन की शिकायत के आधार पर विपिन भाटी, सास दया, ससुर सत्यवीर, और जेठ रोहित भाटी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 103(1) (हत्या), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की। विपिन को शुक्रवार, 22 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अन्य तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
24 अगस्त 2025 को, पुलिस विपिन को पूछताछ और साक्ष्य संग्रह के लिए सिरसा गांव के पास ले गई थी, जहां उसने थिनर की बोतल खरीदी थी। पुलिस के अनुसार, विपिन ने हिरासत से भागने की कोशिश की और एक सिपाही की पिस्तौल छीनने का प्रयास किया। इसके बाद, पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो विपिन के पैर में लगी। घायल विपिन को दोबारा हिरासत में ले लिया गया और उसका इलाज चल रहा है। ग्रेटर नोएडा के डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि एनकाउंटर सिरसा चौराहे के पास हुआ और मामले की जांच जारी है।
परिवार और समुदाय का गुस्सा
निक्की के पिता भिखारी सिंह ने इस घटना को “सोची-समझी साजिश” करार देते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, “पिता का दर्द सिर्फ पिता ही समझ सकता है। विपिन नकारा और शराबी था, और उसका किसी अन्य महिला से अवैध संबंध भी था। मेरी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया गया।” भिखारी सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए और उनके घर पर बुलडोजर चलाया जाए।
निक्की के भाई ने खुलासा किया कि उनके पिता ने हाल ही में एक मर्सिडीज कार खरीदी थी, जिस पर विपिन की नजर थी। इसके अलावा, निक्की के परिजनों और स्थानीय लोगों ने कासना थाने का घेराव किया और निक्की को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन किए। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेताओं ने भी इस घटना के खिलाफ आवाज उठाई, कैंडल मार्च निकाला, और सोशल मीडिया पर #JusticeForNikki हैशटैग के साथ अभियान चलाया।
निक्की की बहन कंचन ने मीडिया को बताया कि दोनों बहनों को ससुराल में लगातार प्रताड़ित किया जाता था। कंचन ने कहा, “मेरी शादी के छह महीने बाद ही उत्पीड़न शुरू हो गया था। गुरुवार रात को मुझे भी पीटा गया।”
पुलिस ने मीडिया को बताया कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी सुधीर कुमार ने कहा, “हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।”
विपिन का दावा और वायरल वीडियो
गिरफ्तारी से पहले, विपिन ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें उसने दावा किया कि निक्की की मौत आत्महत्या थी। उसने लिखा, “तुमने मुझे बताया क्यों नहीं कि क्या हुआ था? तुम मुझे क्यों छोड़कर चली गईं? दुनिया मुझे हत्यारा कह रही है।” हालांकि, पुलिस और निक्की के परिवार ने इस दावे को खारिज कर दिया, क्योंकि वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान विपिन की संलिप्तता की पुष्टि करते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में निक्की को जलते हुए और ससुराल वालों द्वारा मारपीट का शिकार होते दिखाया गया है। इन वीडियो ने जनता में आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
गौरतलब है की निक्की हत्याकांड एक दुखद और दिल दहलाने वाली घटना है, जो समाज में दहेज जैसी कुप्रथा की जड़ों को उजागर करती है। यह घटना न केवल कानूनी कार्रवाई की मांग करती है

















