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हाउस के इशारे पर पुलिस और कोल माफिया मिलकर कर रहे कोयले की लूट : बाबूलाल मरांडी

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में चल रहे बड़े पैमाने पर अवैध कोयला कारोबार को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री आवास (हाउस) पर अवैध कोल माफिया का संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया।

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बुधवार को रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पहले कोयला चोर चोरी करते थे और कमीशन पुलिस-प्रशासन को देते थे, लेकिन अब पूरा सिस्टम बदल गया है। अब पुलिस प्रशासन और कोल माफिया साझेदारी में काम कर रहे हैं। धनबाद के शीर्ष पुलिस अधिकारी खुद इस अवैध धंधे को संचालित कर रहे हैं।

“हाउस से फोन आए बिना कोई साइट नहीं चलती”

बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि निरसा, बाघमारा, झरिया सहित कोल बेल्ट के 20-25 थाना क्षेत्रों में 30-40 अवैध कोयला साइट्स चल रही हैं। किसी भी साइट को चलाने के लिए “हाउस” की अनुमति जरूरी है। हाउस से फोन आने के बाद ही एसएसपी साइट को मंजूरी देते हैं और इसके एवज में एक करोड़ रुपये एडवांस लिया जाता है।

उन्होंने कहा कि इन साइट्स से रोजाना 150-200 ट्रक कोयला निकाला जाता है। प्रति टन 8-10 हजार रुपये का कारोबार पूरी तरह “हाउस” के नियंत्रण में होता है। इस अवैध कारोबार में हाउस “महाराजा” की भूमिका में है, एसएसपी “प्रधान सेनापति” और डीसी “महामंत्री” की भूमिका निभाते हैं। दोनों मुनाफे के बड़े हिस्सेदार हैं।

थाना प्रभारी से लेकर खनन अधिकारी तक की निर्धारित हिस्सेदारी

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि इस धंधे में थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर, डीएसपी, ग्रामीण एसपी, एसडीओ, खनन अधिकारी और अंचलाधिकारी तक की हिस्सेदारी तय है। उन्होंने कुछ नाम भी लिए जिनमें बाघमारा डीएसपी पुरुषोत्तम सिंह (पूर्व में मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मी) खुद बरौना, तेतुलमारी और जमुनिया राम कनाली साइट्स चलवाते हैं। एसएसपी के दाहिने हाथ इंस्पेक्टर अजीत सिंह और बायें हाथ एससीपी हैं, जो मिलकर मालदार थानों की बोली लगाते हैं। जमशेदपुर से रितेश, विकास आदि को भी सहायता के लिए बुलाया गया है।

बाबूलाल के आरोपों के अनुसार प्रमुख कोल साइट्स में भौंदा अरविंद, कारण, कुंजामा आकाश, मनीष आर्य, पंचेत अंजनी, निरसा संजय सिंह, गोपाली और बाघमारा पाण्डेय जी जबकि बरौना, तेतुलमारी, जमुनिया राम कनाली इन तीन साइट्स को बाघमारा डीएसपी पुरुषोत्तम सिंह खुद चलवाते हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जीना गोंडा, बरारी, अलगडीहा गणेश यादव के बेटा बीटू काम देखता है। सुदामडीह शेखर सिन्हा, गुलाम केशर आदि देखते हैं।

मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन आरोपों से सहमत नहीं हैं तो वे इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएं, ताकि सच सामने आ सके और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक और प्रवक्ता रमाकांत महतो भी उपस्थित रहे।

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