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चतरा एयर एंबुलेंस हादसा: 21 दिन बाद जंगल में मिला विमान का दूसरा इंजन, महुआ चुनने गई ग्रामीण महिलाओं ने किया खोज

चतरा : झारखंड के चतरा जिले में 23 फरवरी को हुए दर्दनाक एयर एंबुलेंस हादसे की जांच में बड़ा सुराग सामने आया है। हादसे के ठीक 21 दिन बाद रविवार को सिमरिया थाना क्षेत्र के कासियातू-करमटांड जंगल (पत्थर पनिया क्षेत्र) में विमान का दूसरा इंजन और कुछ अन्य मलबा मिला है। यह इंजन मुख्य क्रैश साइट से लगभग 1 किलोमीटर दूर जंगल में बिखरा हुआ था।

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महुआ चुनने गई स्थानीय ग्रामीण महिलाओं को यह मलबा दिखाई दिया, जिन्होंने तुरंत सिमरिया थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इंजन को सुरक्षित कब्जे में ले लिया। सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि बरामद इंजन को जांच एजेंसियों के हवाले करने की तैयारी है। जांच टीम के आने के बाद इसकी विस्तृत जांच शुरू होगी।

23 फरवरी 2026 को रेडबर्ड एयरवेज की बीचक्राफ्ट C90 (VT-AJV) एयर एंबुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी। इसमें गंभीर रूप से झुलसे एक मरीज संजय प्रसाद, उनकी पत्नी, एक नाबालिग परिजन, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और दो पायलट सवार थे। उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद विमान चतरा के सिमरिया ब्लॉक के जंगली इलाके में क्रैश हो गया। हादसे में सभी 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

हादसे के बाद विमान के कई हिस्सों की तलाश जारी थी। अब इंजन मिलने से जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि क्रैश के सटीक कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी। शुरुआती जांच में मिड-एयर ब्रेकअप या इंजन फेलियर की आशंका जताई गई थी, क्योंकि एक इंजन पहले ही मुख्य साइट से कुछ दूरी पर मिला था।

यह खोज हादसे की जांच को नई दिशा दे सकती है। जांच एजेंसियां जैसे AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) और अन्य विशेषज्ञ अब इंजन की जांच कर हादसे के पीछे के तकनीकी या अन्य कारणों का खुलासा करने की कोशिश करेंगे।

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