डॉ. इरफान अंसारी की दरियादिली, दुश्मन को गले लगाकर दिखाया इंसानियत का अनूठा उदाहरण
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी जयंत कुमार सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सारनाथ थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी से धमकी में इस्तेमाल हुआ मोबाइल भी बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, जयंत गाजीपुर भागने की फिराक में था, लेकिन औड़िहार के पास रोडवेज बस रोककर उसे दबोच लिया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जांच में खुलासा हुआ कि जयंत एक एमबीबीएस पास छात्र है और मेडिकल में मास्टर डिग्री की तैयारी कर रहा था। शिलांग (मेघालय) में उसका मकान भी है। सूत्रों के मुताबिक, वह किसी गैंग से जुड़कर बड़ी वारदात की साजिश रच रहा था।
मंत्री की दरियादिली ने जीता सबका दिल
लेकिन इस घटना की असली कहानी तब शुरू हुई, जब आरोपी को बोकारो लाया गया। आरोपी के पिता ने रोते हुए डॉ. इरफान अंसारी से फोन पर बात की और अपने बेटे की गलती के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा, “माननीय मंत्री जी, मेरे बेटे से बहुत बड़ी गलती हो गई। वह गलत संगत में पड़ गया था। जेल जाने से उसका करियर बर्बाद हो जाएगा।”
पिता की भावुक अपील सुनकर डॉ. अंसारी का दिल पिघल गया। उन्होंने आरोपी से कहा, भाई, पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान दो। भाजपा, आरएसएस, बजरंग दल जैसे संगठनों से दूर रहो। अपने माता-पिता के दर्द को समझो और जीवन में आगे बढ़ो। मैं तुम्हें माफ करता हूँ।”
इंसानियत को दी प्राथमिकता
डॉ. इरफान अंसारी ने न केवल आरोपी को माफ किया, बल्कि उसे एक नया जीवन शुरू करने का मौका भी दिया। उनके इस फैसले से आरोपी की रिहाई का रास्ता साफ हो गया और उसका भविष्य बर्बाद होने से बच गया। यह कदम न सिर्फ एक मंत्री के रूप में, बल्कि एक पिता और मार्गदर्शक के रूप में उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।
जनता में चर्चा: “वाह! क्या दिल है!”
डॉ. अंसारी की इस दरियादिली की आज हर तरफ तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं, “डॉ. इरफान अंसारी ने इंसानियत को राजनीति से ऊपर रखा और नफरत को मोहब्बत में बदल दिया। उनका दिल सचमुच बड़ा है।”

















