साकची में विराट हिंदू सम्मेलन: सनातन एकता और सामाजिक जागरूकता का भव्य आयोजन
साकची में विराट हिंदू सम्मेलन: सनातन एकता और सामाजिक जागरूकता का भव्य आयोजन
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जमशेदपुर, : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जमशेदपुर के साकची बाजार क्षेत्र में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय सनातनी हिंदुओं की अपार भीड़ उमड़ी, जिसे एक जनसैलाब के रूप में देखा गया। महिलाओं की विशेष रूप से बड़ी संख्या में सहभागिता ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राम कृष्ण चौधरी ने सनातन धर्म की रक्षा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “सनातन की रक्षा में महिलाओं की अहम भागीदारी है। हमें अपनी बहनों और बेटियों को लव जिहाद जैसे खतरों से बचाने की जरूरत है।” साथ ही उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए समाज को जागरूक होने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि राधा गोविंद मंदिर के महंत भारती महाराज जी ने अपने उद्बोधन में समाज में बढ़ते नशे को बड़ा खतरा बताया। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए सामूहिक प्रयास की अपील की और कहा कि नशा धर्म स्थापना के मार्ग में रोड़ा न बने। महंत जी ने जाति-पात को त्यागकर सभी हिंदुओं को एकजुट होने का मजबूत संदेश दिया।
मुख्य वक्ता उत्तर पूर्व क्षेत्र (बिहार-झारखंड) के सामाजिक सद्भाव संयोजक राकेश लाल जी ने कहा, “भारत में जन्म लेने मात्र से ही हम हिंदू हैं, लेकिन आज की परिस्थितियों में सतर्क, सशक्त और जागरूक हिंदू बनना अनिवार्य है।” उन्होंने जोर देकर कहा:
“हिंदू जागेगा तो देश जागेगा, और हिंदू प्रांत, भाषा, जाति, गोत्र के नाम पर बंटेगा तो देश भी बंटेगा।”कार्यक्रम में साकची बाजार समिति के अध्यक्ष महावीर मोदी महादेव लाल, सोमनाथ, विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता, सह विभाग कार्यवाह विद्यासागर लाभ, सह महानगर कार्यवाह मृत्युंजय, नगर कार्यवाह अमित, भाजपा नेता भरत सिंह, अमित अग्रवाल, विनय खुराना, मयूर पाठक, संदीप बर्मन सहित सैकड़ों की संख्या में सनातनी हिंदू उपस्थित रहे।
यह सम्मेलन आरएसएस की शताब्दी के दौरान पूरे देश में आयोजित हो रहे विराट हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला का हिस्सा है, जो हिंदू समाज में एकता, सनातन मूल्यों की रक्षा, नशा मुक्ति, जातिवाद उन्मूलन और सामाजिक जागृति जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। साकची का यह आयोजन स्थानीय स्तर पर हिंदू समाज को संगठित और जागरूक करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

















