ट्रंप-नेतन्याहू की ‘सीक्रेट’ व्हाइट हाउस मीटिंग: ईरान पर डील या सैन्य कार्रवाई? तीन घंटे की बंद कमरे चर्चा के बाद ट्रंप ने दिया बड़ा बयान!
वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार को व्हाइट हाउस में करीब तीन घंटे की लंबी बंद कमरे मीटिंग हुई। यह बैठक प्रेस से दूर और बिना किसी पब्लिक स्टेटमेंट के हुई, जिससे अटकलें तेज हो गईं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई बड़ा फैसला हो सकता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ट्रंप ने मीटिंग के बाद अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं के बीच ईरान पर कोई “definitive” या अंतिम समझौता नहीं हुआ। उन्होंने लिखा: “There was nothing definitive reached other than I insisted that negotiations with Iran continue to see whether or not a Deal can be consummated. If it can, I let the Prime Minister know that will be a preference. If it cannot, we will just have to see what the outcome will be.”
ट्रंप ने साफ कहा कि वे ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत (negotiations) जारी रखना चाहते हैं और डील को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो सैन्य विकल्प भी खुले हैं। उन्होंने पहले भी “Midnight Hammer” जैसे ऑपरेशन का जिक्र कर सख्त चेतावनी दी थी।
ट्रंप की तरफ से डिप्लोमेसी को प्राथमिकता दिखाई गई है, लेकिन इजरायल लगातार सैन्य एक्शन की वकालत करता रहा है। अगर ईरान अमेरिका-इजरायल की मांगें (यूरेनियम संवर्धन रोकना, मिसाइल प्रोग्राम सीमित करना, प्रॉक्सी फंडिंग बंद करना) नहीं मानता, तो मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है।
यह मीटिंग ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशन की 47वीं वर्षगांठ के वक़्त पर हुई, जब तेहरान में बड़े प्रदर्शन भी हो रहे थे। क्या ट्रंप की डील स्ट्रैटेजी कामयाब होगी या नेतन्याहू की दबाव वाली लाइन जीतेगी? आने वाले दिनों में स्थिति साफ हो सकती है।

















