केरल की 10 महीने की नन्ही आलिन शेरिन अब्राहम ने अंगदान कर बचाईं कई जिंदगियां: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी भावुक श्रद्धांजलि
केरल की 10 महीने की मासूम बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम ने अपनी अल्पायु जीवन में एक ऐसा कार्य किया है, जो पूरे देश को भावुक कर रहा है। सड़क दुर्घटना में ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके माता-पिता श्री अरुण अब्राहम और श्रीमती शेरिन एन जॉन ने अद्भुत साहस दिखाते हुए अंगदान का निर्णय लिया। इस महादान से आलिन के अंगों (लिवर, दोनों किडनी, हार्ट वाल्व और अन्य) ने कम से कम चार से पांच लोगों को नया जीवन दिया, जिसमें एक 6 महीने का बच्चा और एक 10 साल का बच्चा शामिल हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केरल सरकार ने इस नन्ही बच्ची को राज्य की सबसे कम उम्र की अंगदाता मानते हुए उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान प्रदान किया। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी इस निर्णय की सराहना की और इसे मानवता का सर्वोच्च उदाहरण बताया।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर ट्वीट करते हुए लिखा कि आलिन का नाम पूरे देश को द्रवित कर रहा है। उन्होंने कहा, “अपनी संतान को खोने का दर्द असहनीय होता है, लेकिन ऐसे समय में अंगदान का फैसला अद्भुत साहस, त्याग और करुणा का प्रतीक है। आलिन का जीवन भले ही छोटा रहा, लेकिन आज वह कई घरों की उम्मीद बनकर अमर हो गई है।”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आलिन के माता-पिता को नमन करते हुए कहा कि यह कार्य हर सीमा, भाषा और भेद से ऊपर है। उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की संवेदनशीलता की भी प्रशंसा की, जिन्होंने राजकीय सम्मान देकर इस संदेश को और मजबूत किया।
उन्होंने आगे कहा, “दूसरों को जीवन देने का महादान है अंगदान। झारखंड सरकार भी राज्य में अंगदान नीति को और सुदृढ़ बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।”
















