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कोलेबिरा में विराट हिंदू सम्मेलन: सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से गूंजा स्टेडियम, दो परिवारों ने की ‘घर वापसी’

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा/कोलेबिरा : सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड मुख्यालय स्थित एस.एस. प्लस टू स्टेडियम में मंगलवार को भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में विराट हिंदू सम्मेलन सह सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने एक स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे पूरा परिसर भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के जयकारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिंदू हृदय सम्राट भैरव सिंह और जैन समाज के संत जैन मुनि ने शिरकत की। स्थानीय पुरोहितों, पूजारियों और समाजसेवियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। अतिथियों का ढोल-नगाड़ों के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से हुई, जबकि “पंच परिवर्तन” के अंतर्गत सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और अन्य प्रस्तुतियां दी गईं।

मुख्य वक्ता भैरव सिंह ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा, “हिंदुत्व ही विश्वबंधुत्व की आधारशिला है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठित और सशक्त हिंदू समाज ही विश्व को एकता, मानवता और सकारात्मक मार्ग दिखा सकता है। जहां भी हिंदू समाज पहुंचा, उसने समाज और राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण को केवल कथा नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श जीवन का मार्गदर्शन बताते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम, श्रीकृष्ण और भगवान शिव की पावन भूमि भारत में जन्म लेना सौभाग्य है। योग और सूर्य नमस्कार की वैश्विक स्वीकार्यता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये किसी एक समुदाय के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के हैं।

भैरव सिंह ने स्पष्ट किया कि जाति-पाति और छुआछूत हिंदू समाज की पहचान नहीं है। प्रभु श्रीराम द्वारा केवट को भाई कहकर अपनाने की परंपरा को उदाहरण देते हुए उन्होंने परिवार व्यवस्था को भारतीय संस्कृति की आधारशिला बताया और कहा, “परिवार बचेगा तो भारत बचेगा।”

जैन मुनि ने भी समाज में एकता, संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला बताया।

कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया जब दो परिवारों ने धर्म वापसी (घर वापसी) की घोषणा की। मुख्य अतिथियों ने उनके चरण धोकर हृदयस्पर्शी स्वागत किया। आयोजकों ने इसे सांस्कृतिक और धार्मिक जागरूकता का प्रतीक करार दिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक विभाग के प्रचारक शमी, संयोजक अभिषेक कुमार, सह संयोजक अशोक इंदवार, सचिव सुमंत कुमार, सह सचिव प्रवीण कुमार और कोषाध्यक्ष चंदन कुमार का अहम योगदान रहा।

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