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लैंड फॉर जॉब मामला: लालू प्रसाद यादव और परिवार के खिलाफ आज राउज एवेन्यू कोर्ट में अहम सुनवाई, आरोप तय होने पर फैसला संभव

नई दिल्ली : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटियों तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और अन्य परिजनों के लिए आज का दिन बेहद अहम है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में कथित लैंड फॉर जॉब घोटाले (Land for Job Scam) मामले में आज सुनवाई होनी है, जिसमें कोर्ट यह तय करेगा कि सीबीआई द्वारा दर्ज FIR के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम (आरोप तय) किए जाएं या नहीं।

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विशेष न्यायाधीश की अदालत में पिछले महीने हुई सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज 10 दिसंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी। सूत्रों के मुताबिक आज कोर्ट इस बात पर निर्णय सुना सकती है कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य होने के कारण आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए जाएं या केस खारिज कर दिया जाए।

क्या है लैंड फॉर जॉब मामला?

सीबीआई के अनुसार, लालू प्रसाद यादव जब 2004-2009 तक रेल मंत्री थे, तब रेलवे में ग्रुप-D की नौकरियों के बदले कई लोगों से जमीन लिखवाई गई या सस्ते दामों पर खरीदी गई। इन नौकरियों में पटना, हाजीपुर समेत कई रेलवे जोन में नियुक्तियां हुईं और बदले में लालू परिवार के नाम या उनके करीबियों के नाम जमीन ट्रांसफर की गई। ED ने भी इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है और कई संपत्तियां अटैच की हैं।

आरोपियों में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती सहित कुल 16 लोग और कुछ कंपनियां शामिल हैं। लालू परिवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अन्य ने दलील दी थी कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है और कोई ठोस सबूत नहीं हैं। वहीं सीबीआई ने चार्जशीट में दस्तावेजी सबूत, गवाहों के बयान और जमीन के रजिस्ट्री दस्तावेज पेश किए हैं।

आज क्या हो सकता है?

आज अगर कोर्ट आरोप तय कर देता है तो मामला ट्रायल (मुकदमा) के चरण में चला जाएगा और गवाहों की पेशी शुरू होगी। अगर कोर्ट आरोप तय करने से इनकार करता है तो सीबीआई को बड़ा झटका लगेगा और आरोपी इस चरण में बरी हो जाएंगे।

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