मनरेगा JE अंकुश कुमार 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार , राजधनवार प्रखंड में हड़कंप, ACB टीम को रोकने का प्रयास भी किया गया
मनरेगा JE अंकुश कुमार 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार , राजधनवार प्रखंड में हड़कंप, ACB टीम को रोकने का प्रयास भी किया गया
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गिरिडीह के राजधनवार में ACB ने मनरेगा JE अंकुश कुमार को 5000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ACB टीम को रोकने का प्रयास, पूरी खबर पढ़ें।”
गिरिडीह (11 अप्रैल ): झारखंड के गिरिडीह जिले के राजधनवार प्रखंड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की हजारीबाग टीम ने शनिवार को मनरेगा के जूनियर इंजीनियर अंकुश कुमार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
सूत्रों के अनुसार, ACB को अंकुश कुमार के खिलाफ मनरेगा योजना से जुड़े कामों में रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए ACB टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी JE ने शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की रिश्वत ली, ACB की टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया।
कार्रवाई के दौरान हुई हंगामा
गिरफ्तारी के समय कुछ स्थानीय लोगों और प्रभावित पक्ष ने ACB टीम को रोकने का प्रयास किया। इससे मौके पर काफी देर तक नारेबाजी और कहासुनी की स्थिति बनी रही। हालांकि, ACB टीम ने सख्ती से स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
मनरेगा घोटाले में सख्ती
मनरेगा के जूनियर इंजीनियर पर रिश्वतखोरी का यह मामला काफी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि JE के पास काम का मापन, बिल पास करना और मजदूरों के भुगतान की जिम्मेदारी होती है। अंकुश कुमार पर आरोप है कि वह इन कामों के बदले नियमित रूप से रिश्वत मांगता था। ACB की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।
अंकुश कुमार को ACB की हजारीबाग इकाई में लाया गया है। कल उसे गिरिडीह कोर्ट में पेश किया जाएगा।













