कौनमेजरा में तुलसी-शालिग्राम पूजन के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : झारखंड के सिमडेगा जिले के कौनमेजरा गांव में तुलसी पूजन दिवस के अवसर पर ग्रामीणों ने पूरे श्रद्धा-भक्ति भाव से तुलसी एवं शालिग्राम भगवान की पूजा-अर्चना की। इस आयोजन से आपसी सद्भाव, भक्ति और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश प्रसारित हुआ।
मंगल बड़ाइक के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पूजा के दौरान तुलसी के औषधीय गुणों और मानव जीवन में इसके महत्व पर चर्चा की गई। साथ ही, प्रकृति संरक्षण में तुलसी, पीपल, बरगद जैसे वृक्षों की भूमिका पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंगल बड़ाइक ने कहा कि 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस का विशेष महत्व है। यह दिन हमें प्रकृति के संरक्षण और वृक्षों के योगदान की याद दिलाता है, जो मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हैं। उन्होंने स्वस्थ समाज और प्रकृति की रक्षा के लिए वृक्ष संरक्षण की अपील की।
पूजा-अर्चना का संचालन पुरोहित छोटू राम बड़ाइक ने किया, जबकि यजमान के रूप में सुकांति देवी, बृजपाल मेहर, गोवर्धन महतो और विनय बधाई उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लेखा कुमारी, सोनी देवी, मोनिका कुमारी, होलिका कुमारी, लक्ष्मी कुमारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।
पूजन के बाद सामूहिक भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें आपसी प्रेम और भाईचारे पर बल दिया गया। इस आयोजन ने गांव में धार्मिक उत्साह और पर्यावरण जागरूकता का वातावरण बनाया।

















