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झारखंड में महिला आयोग के गठन में देरी पर राफिया नाज़ का कांग्रेस पर तीखा हमला: “घड़ियाली आंसू बहाना बंद करे सरकार”

रांची : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने झारखंड में महिला आयोग के गठन में हो रही देरी को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) गठबंधन पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस की महिला प्रदेश अध्यक्ष द्वारा राज्यपाल से महिला आयोग के गठन की मांग को “घड़ियाली आंसू” करार देते हुए कहा कि यह सरकार की असंवेदनशीलता और महिलाओं के प्रति गैर-जिम्मेदार रवैये को दर्शाता है।

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राफिया नाज़ ने प्रेस बयान जारी कर कहा, “यह आश्चर्यजनक है कि कांग्रेस, जो खुद सत्ता में भागीदार है, महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की बात तो करती है, लेकिन महिला आयोग जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक निकाय का गठन करने में विफल रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध, जैसे दुष्कर्म, अपहरण और छेड़खानी की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार की निष्क्रियता के कारण हजारों मामले लंबित पड़े हैं।

उन्होंने सवाल उठाया, “जब कांग्रेस की महिला अध्यक्ष को अपनी ही सरकार से उम्मीद नहीं है और उन्हें राज्यपाल के पास गुहार लगानी पड़ रही है, तो आम महिलाओं की आवाज कौन सुनेगा?” राफिया ने कहा कि वर्ष 2020 से महिला आयोग निष्क्रिय है, जिसके कारण 5,200 से अधिक मामले, जिनमें यौन शोषण, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और बाल विवाह जैसे गंभीर मामले शामिल हैं, बिना सुनवाई के पड़े हैं।

राफिया नाज़ ने कांग्रेस से जवाब मांगते हुए कहा, “सत्ता में रहते हुए भी महिला आयोग के गठन में देरी क्यों? क्या यह सिर्फ दिखावे की राजनीति है, या पार्टी में महिलाओं के मुद्दों पर कोई वास्तविक प्रतिबद्धता नहीं है?” उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से महिला आयोग का गठन करने और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं, जैसे नारी शक्ति वंदन और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हैं, लेकिन झारखंड सरकार संवैधानिक निकाय के गठन में भी नाकाम रही है।

राफिया नाज़ ने चेतावनी दी कि भाजपा इस मुद्दे पर चुप नहीं रहेगी और हर पीड़ित महिला की आवाज बनकर उनके लिए न्याय की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा, “महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक समझने वाली सरकार को अब जवाब देना होगा।”

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