सिमडेगा पुलिस की बड़ी सफलता: कोलेबिरा में 8.85 लाख की चोरी का खुलासा, अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार, 5 लाख के जेवरात बरामद
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : सिमडेगा जिले के कोलेबिरा थाना क्षेत्र में जनवरी 2026 में हुई चर्चित चोरी की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्वेदन कर लिया है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय अपराधी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और चोरी के लगभग 5 लाख रुपये मूल्य के जेवरात बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक श्रीकांत राव ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी देते हुए बताया कि जांच जारी है और अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
कोलेबिरा थाना कांड संख्या 03/26, दिनांक 20 जनवरी 2026 के अनुसार, वादी विभूती प्रसाद पुत्र स्वर्गीय कृष्ण देव केवट (निवासी कोलेबिरा, सिमडेगा) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 18 जनवरी 2026 की रात करीब 8 बजे वे घर पर ताला लगाकर बाढ़ (बिहार) गए थे। 20 जनवरी की सुबह 3 बजे लौटने पर देखा कि मकान का ग्रिल और सभी कमरों के ताले टूटे हुए थे, सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी से 1,85,000 रुपये नगद और लगभग 7 लाख रुपये मूल्य के जेवरात चोरी हो गए थे। चोरी गए जेवरात में सोने का हार, चेन, झुमका, मांगटिका, बजरंगबली लॉकेट, चांदी के पायल आदि शामिल थे।
एसपी श्रीकांत राव के निर्देशन में तत्काल जांच टीम गठित की गई, जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिमडेगा बैजू उरांव के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक बानो अंचल ई.जी. बागे, थाना प्रभारी कोलेबिरा हर्ष कुमार साह, पु.अ.नि. बनबिहारी कुमार और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस की तकनीकी शाखा की मदद से घटनास्थल का कॉल डंप और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया।
इसके आधार पर 11 फरवरी 2026 को टीम ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी झल्लू राय पुत्र सुरेश राय (निवासी मल्लीपुर, थाना राघोपुर, जिला वैशाली, बिहार) को गिरफ्तार किया। उसके पास से चोरी के कई जेवरात बरामद हुए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये है।
गिरफ्तार आरोपी का पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें राघोपुर थाना कांड संख्या 05/16, बाईपास पुलिस स्टेशन, पटना कांड संख्या 203/18, कोतवाली थाना, पटना कांड संख्या 551/19, गांधी मैदान, पटना कांड संख्या 556/25 और रामकृष्ण नगर थाना कांड संख्या 245/25 शामिल है।
एसपी श्रीकांत राव ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह पुलिस की तकनीकी जांच और समन्वित छापेमारी का नतीजा है। अन्य अंतरराज्यीय अपराधियों की तलाश जारी है और मामले का पूर्ण उद्वेदन जल्द होने की उम्मीद है।

















