8वें राष्ट्रीय पोषण माह का झारखंड में राज्यस्तरीय शुभारंभ, स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान
झारखंड में 8वें राष्ट्रीय पोषण माह का राज्यस्तरीय शुभारंभ गुरुवार को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, अजय कुमार ने किया। इस अवसर पर उन्होंने झारखंडी व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए उनकी रेसिपी को सोशल मीडिया पर साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के 100 से अधिक पारंपरिक व्यंजन, जिनमें ग्रामीण महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, पोषण से भरपूर हैं। इन व्यंजनों को सोशल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश में प्रचारित करने से वैश्विक स्तर पर इनका प्रभाव बढ़ेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान
अजय कुमार ने बताया कि ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर को किया गया, जो 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान के तहत राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहियाओं को इसकी सफलता के लिए जिम्मेदारी दी गई है। वे अधिक से अधिक महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों तक ले जाकर उनकी जांच सुनिश्चित करेंगी और जरूरत पड़ने पर मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।
शिशु और मातृत्व मृत्यु दर में झारखंड की बेहतर स्थिति
अजय कुमार ने कहा कि डॉक्टरों की कमी के बावजूद झारखंड शिशु मृत्यु दर और मातृत्व मृत्यु दर में राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है। हालांकि, संस्थागत प्रसव के मामले में सुधार की आवश्यकता है। पोषण माह के दौरान 15 दिनों तक प्रतिदिन 4000 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने चीनी, मैदा और तेल के सेवन को कम करने, रंग-बिरंगी सब्जियों और फलों को आहार में शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही, कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं से निपटने के लिए माताओं को जन्म के समय से बच्चों को स्तनपान कराने की सलाह दी।
स्वस्थ महिला के बिना स्वस्थ झारखंड असंभव
सचिव, समाज कल्याण विभाग, मनोज कुमार ने कहा कि स्वस्थ झारखंड और भारत की कल्पना बिना स्वस्थ महिलाओं के संभव नहीं है। इस अभियान का उद्देश्य आधी आबादी के स्वास्थ्य को बेहतर करना है। उन्होंने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहियाओं से महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों तक ले जाकर उनकी प्राथमिक जांच कराने की अपील की। जरूरत पड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।
इस वर्ष पोषण माह में 6 थीम पर काम होगा जिसमें संपूर्ण आहार का सेवन, स्थानीय खाद्य पदार्थों को व्यंजनों में शामिल करना, थाली में हरी सब्जियों को बढ़ावा देना, पोषण ट्रैकर को अपडेट करना, होम विजिट के दौरान पुरुषों को भी महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और शक्कर और तेल की मात्रा को कम करना है।
पुरस्कार और पोस्टर विमोचन
कार्यक्रम के दौरान खूंटी और रामगढ़ की दो सहियाओं को स्थानीय व्यंजन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 21,000 और 10,000 रुपये के चेक प्रदान किए गए। साथ ही, पोषण के पांच सूत्र और पहले 1000 दिन के महत्व को दर्शाने वाले पोस्टर का विमोचन किया गया।
आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहियाओं की भूमिका
आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहियाओं को जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी दी गई है, क्योंकि उनकी पहुंच हर घर तक है। यह अभियान झारखंड में कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं को कम करने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

















