वतन से दूर रहकर भी वतन को याद करते हैं: तिब्बती ने शांतिदूत दलाई लामा की पूजा अर्चना किया
आकाश शर्मा /अशोक/ रामगढ़।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शहर स्थित छावनी परिषद कार्यालय के निकट पोताला मार्केट याने कि गर्म कपड़ों का बाजार लगा है। तिब्बतियों का गर्म कपड़ों का बाजार ग्राहकों को लुभाता है। शुक्रवार को तिब्बतियों ने अपने धर्म गुरु की आराधना किये, धूप अगरबत्ती जलाकर दलाई लामा को नमन किया। मिठाइयां बांटी और अपनी खुशियों का इजहार किया। तिब्बतियों ने कहा कि धर्मगुरु दलाई लामा को हम सब याद करते हैं। आज ही के दिन 10 दिसंबर 1989 को शांति दुत दलाई लामा नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किए गए। जिसे याद कर तिब्बतियों का परिवार खुशियां मनाते हैं। शांति का संदेश देने वाले दलाई लामा विश्व में विख्यात है। यह तिब्बतियों के धर्मगुरु ही नहीं शांति के संदेश माने जाते हैं। तिब्बतियों के लिए आज का दिन पवित्र दिन माना जाता है। देश भर में तिब्बती परिवार जहां भी रहते हैं 10दिसंबर शुभ दिवस पर खुशियां जरूर मनाते हैं।पोताला बाजार के प्रधान सोनम बताते हैं चीन ने तिब्बत पर कब्जा जमा लिया। तिब्बती शरणार्थियों को भारत सरकार ने सम्मान दिया है।
बताते है कि वतन से दूर रहकर भी हमारे दिलों में वतन की याद हमेशा बरकरार है।

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– ठंड के मौसम में तिब्बती मार्केट अर्थात पोताला मार्केट पूरे राज्य सहित रामगढ़ में भी लगा है। पोताला मार्केट गर्म कपड़ों का बाजार, यहां बगैर बारगेन के ग्राहकों को उचित मूल्य पर सभी वेरायटी गर्म कपड़े मिलजाते हैं। तिब्बती बाजार के प्रति खरीदारों का आकर्षण और विश्वास वर्षों से कायम है। वर्षों से यहां हरसाल तिब्बतियों का बाजार लगता आ रहा है। इस वर्ष बाजार में शरणार्थी तिब्बतियों का 19 स्टाल सजे है जो ग्राहकों को लुभाता है। पोताला मार्केट रामगढ़ में हिमाचल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, सिलीगुड़ी आदि विभिन्न राज्यो से तिब्बती परिवार गर्म कपड़ों का व्यापार करनै को बाजार सजाया है। बाजार में सोनम, झिमी, तेनजिंग आदि ने अषने धर्म गुरु दलाई लामा को नमन किया।
















