आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदिवासियों के सशक्तिकरण की पहल, उपायुक्त ने दिलाई शपथ
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : जिला प्रशासन द्वारा आदिवासी समुदाय को सशक्त और प्रगतिशील बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में आदि कर्मयोगी अभियान कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक एम. अर्शी और उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
यह अभियान जनजातीय कार्य मंत्रालय के नेतृत्व में एक राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में संचालित हो रहा है, जिसका लक्ष्य जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर विकेन्द्रीकृत आदिवासी नेतृत्व और शासन पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। क्षमता निर्माण, अभिसरण और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से यह पहल देशभर के आदिवासी बहुल जिलों के 1 लाख गांवों में 20 लाख आदिवासी परिवर्तनकर्ताओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखती है।
उपायुक्त कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह अभियान आदिवासियों को मुख्यधारा से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “आदिवासी क्षेत्रों में विकास की गति को बढ़ाने और शासन को प्रभावी बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को गांवों के लिए विकास मॉडल तैयार कर पूरी निष्ठा के साथ कार्य करना होगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सुदूर क्षेत्रों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन ही इस अभियान की सफलता की कुंजी है।
इसके लिए जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जो प्रखंड स्तर पर ब्लॉक लेवल ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे। ये प्रशिक्षक जनजातीय समुदायों को उनके अधिकारों, संसाधनों और विकास योजनाओं के प्रति जागरूक कर सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उपायुक्त ने सरकारी कर्मियों की कार्य संस्कृति में सुधार, उत्तरदायित्व में वृद्धि और नागरिकों को त्वरित, गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
कार्यशाला के अंत में उपायुक्त ने आदि कर्मयोगी अभियान को सफल बनाने के लिए सभी को शपथ दिलाई। इस अवसर पर परियोजना निदेशक आईटीडीए सरोज तिर्की, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, सिविल सर्जन, जिला स्तरीय पदाधिकारी और सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित रहे।

















