भाजपा अध्यक्ष के लिए नोटिफिकेशन हुआ जारी…नितिन नवीन का भाजपा अध्यक्ष बनना तय
दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव होने जा रहा है। बिहार के मंत्री और वरिष्ठ नेता नितिन नवीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, और अब औपचारिक रूप से 20 जनवरी 2026 को उन्हें पार्टी का पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जाएगा।
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भाजपा की संसदीय बोर्ड ने 14 दिसंबर 2025 को इसकी अधिसूचना जारी कर दी थी पूर्ण कालिक अध्यक्ष को लेकर नोटिफिकेशन जारी हो चुकी है। 19 जनवरी को नामांकन होगा और 20 जनवरी को नए अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा की जायेगी। अगर कोई अन्य उम्मीदवार नामांकन नहीं दाखिल करता है, तो नितिन नवीन का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।
इस घोषणा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री तथा राज्य इकाई प्रमुखों की उपस्थिति में समारोह होगा।
नितिन नवीन की नियुक्ति को पार्टी में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने और संगठन को नई ऊर्जा देने के रूप में देखा जा रहा है। वह 45 वर्ष की उम्र में भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे, जो पार्टी के इतिहास में एक मील का पत्थर है।
इससे पहले, नितिन गडकरी 52 वर्ष की उम्र में जबकि अमित शाह 49 वर्ष की उम्र में पार्टी अध्यक्ष का दायित्व सम्हाल चुके हैं। नितिन नवीन की नियुक्ति से पार्टी में युवा और अनुभव का मिश्रण होगा, साथ ही बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य से नेतृत्व उभरने से क्षेत्रीय संतुलन भी मजबूत होगा।
पार्टी ने इस बदलाव को संगठनात्मक ओवरहॉल का हिस्सा बताया है, जिसका फोकस आगामी चुनावों पर होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियुक्ति भाजपा को युवा मतदाताओं से जोड़ने और ग्रासरूट स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी, खासकर जब पार्टी 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी में है।
भाजपा के पिछले अध्यक्षों में नितिन नवीन की खासियत
भाजपा की स्थापना 1980 में हुई थी, और तब से अब तक 14 लोग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं (कार्यकारी अध्यक्ष सहित)। जिनमें लालकृष्ण आडवाणी तीन बार जबकि राजनाथ सिंह दो बार राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका निभा चुके हैं।
यहां कुछ प्रमुख नाम और उनकी अवधि–
अटल बिहारी वाजपेयी (1980-1986): पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष, जो बाद में प्रधानमंत्री बने। उन्होंने पार्टी को मुख्यधारा में स्थापित किया।
एलके आडवाणी (1986-1990, 1993-1998, 2004-2005): तीन बार अध्यक्ष रहे, राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे।
मुरली मनोहर जोशी (1991-1993): शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र से जुड़े, पार्टी को बौद्धिक मजबूती दी।
कुशाभाऊ ठाकरे (1998-2000): संगठनात्मक विशेषज्ञ, आरएसएस से जुड़े।
बंगारू लक्ष्मण (2000-2001): दलित समुदाय से, लेकिन विवादों में फंसे।
जना कृष्णमूर्ति (2001-2002): दक्षिण भारत से, पार्टी का विस्तार दक्षिण में किया।
एम वेंकैया नायडू (2002-2004)
राजनाथ सिंह (2005-2009, 2013-2014): दो बार अध्यक्ष
नितिन गडकरी (2009-2013): युवा चेहरे के रूप में आए, इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस।
अमित शाह (2014-2020): चुनावी रणनीतिकार, पार्टी को रिकॉर्ड जीत दिलाई।
जेपी नड्डा (2020-2025): स्वास्थ्य क्षेत्र से, कोविड काल में पार्टी को एकजुट रखा।
इन सभी में नितिन नवीन की खासियत यह है कि वे सबसे युवा अध्यक्ष होंगे (45 वर्ष), जबकि अधिकांश पूर्व अध्यक्ष 50 से ऊपर की उम्र में पद पर पहुंचे। वह बिहार से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जो पार्टी के पारंपरिक उत्तर भारत (दिल्ली, यूपी, गुजरात) केंद्रित नेतृत्व से हटकर है।
वह कायस्थ समुदाय से आते हैं, जो बिहार में बौद्धिक और प्रशासनिक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन वोट प्रतिशत कम होने के बावजूद पार्टी को नई दिशा दे सकता है।
पूर्व अध्यक्षों की तुलना में इनका फोकस युवा ऊर्जा, संगठनात्मक सुधार और क्षेत्रीय संतुलन पर होगा।वहीं ग्रासरूट से उभरे नितिन नवीन जिनको लेकर कोई विवाद नहीं है पार्टी की मूल विचारधारा को मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।
पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनके आने से एक पीढ़ीगत बदलाव का संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। जहां पूर्व में आडवाणी या शाह जैसे रणनीतिकार थे, वहीं नितिन नवीन युवा और अनुभव का मिश्रण लाते हैं।
नितिन नवीन की राजनीतिक यात्रा
नितिन नवीन का जन्म 23 मई 1980 को पटना, बिहार में हुआ। वह एक राजनीतिक परिवार से आते हैं; उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के दिग्गज नेता थे, जो पटना वेस्ट से सात बार विधायक रहे। पिता की असामयिक मौत के बाद, नितिन ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़कर राजनीति में कदम रखा।
शुरुआती वर्ष -अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े, जहां उन्होंने छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) में शामिल हुए।
2006: पिता की मौत के बाद पटना वेस्ट उपचुनाव में जीते, और पहली बार विधायक बने।
2008-2010: BJYM के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य।
2010-2016: BJYM के राष्ट्रीय महासचिव।
2016-2019: बिहार BJYM के प्रदेश अध्यक्ष।
2019: सिक्किम लोकसभा और विधानसभा चुनावों के प्रभारी, बाद में सिक्किम के संगठन प्रभारी।
2020 से अब तक: पांच बार विधायक (बांकीपुर से), बिहार सरकार में सड़क निर्माण, शहरी विकास और कानून मंत्री रहे।
2021-2024 में छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी, जहां पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया।
2025-14 दिसंबर को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त।
नितिन नवीन की यात्रा संकोच से समर्पण तक की है। वह साफ छवि वाले नेता हैं, जो संगठन में समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं।

















