सिविल सोसायटी के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो देकर किया गया सम्मानित.
खलारी : स्वैच्छिक रक्तदान के मामले में खलारी सिविल सोसायटी के सदस्य राज्य को आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता दिखा रहे हैं और सबसे बड़ी बात है कि यह आत्मनिर्भरता मानव सेवा से जुड़ी हुई है. इस अभियान का जितना भी प्रशंसा किया जाय कम होगा. उक्त बातें झारखंड के ब्लड ट्रांसफियूजन सर्विसेज के डिप्टी डाइरेक्टर डा.सीपी चौधरी ने कही.उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल के थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को रक्त की कमी को देखते हुए सोसायटी ने तीन माह के भीतर लगभग 300 यूनिट रक्त भेजकर बच्चों का जो कल्याण किया है उसे पूरे राज्य के सभी प्रखंड में अपनाने की जरूरत है तभी ब्लड बैंक के मामले में हम गुजरात और बंगाल जैसे राज्यों की तरह आत्मनिर्भर बन पायेंगे.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वहीं सदर अस्पताल ब्लड बैंक की इंचार्ज डा.मीनू वंदना ने कहा कि खलारी-पिपरवार के लोगों में रक्तदान के प्रति जागरुकता अनुकरणीय है. इसके पहले सोमवार को लाइफ सेवा के संस्थापक अतुल गेरा के साथ सोसायटी के सदस्यों ने सदर अस्पताल जाकर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों एवं जरुरतमंद लोगों को दिये जाने वाले रक्त और उसकी पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली. सोसायटी के सदस्यों को इसके लिए मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सदर अस्पताल प्रबंधन ने सम्मानित भी किया. इस एड्स कंट्रोल सोसायटी की निदेशक डा.जुली निता सोखे,राजीव चटर्जी, अवधेश राय,सुनील कुमार, सुखविंदर सिंह, मुनेश्वर मुंडा मुन्ना, प्रवीण प्रसाद आदि मौजूद थे।
खलारी, मो मुमताज़

















