सिमडेगा में नशा मुक्त भारत अभियान: जिला प्रशासन ने की जनजागरूकता कार्यशाला
शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा जिला प्रशासन ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत स्वापक औषधियों एवं मनःदैहिक पदार्थों के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने के लिए समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला-सह-परिचर्चा का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त कंचन सिंह, उप विकास आयुक्त संदीप कुमार दोराईबुरु और मीडिया प्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया।
जिला जन संपर्क पदाधिकारी पलटू महतो ने कार्यशाला की शुरुआत में स्वापक औषधियों और मनःदैहिक पदार्थों के प्रकारों और उनके दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये पदार्थ व्यक्ति, परिवार और समाज पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसके बाद, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ संवाद में जिले में नशीले पदार्थों की उपलब्धता, बिक्री और खपत की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई।
उपायुक्त कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “नशा एक सामाजिक बुराई है, और इससे निपटने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों, मीडिया और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।” उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 10 जून से सिमडेगा में नशा मुक्ति के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों को “नशा मुक्त सिमडेगा” की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि, यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
यह पहल जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है, जिसमें जनभागीदारी को मुख्य आधार बनाया गया है। सिमडेगा जिला प्रशासन का यह प्रयास नशे के खिलाफ जागरूकता और सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


















