इजरायल से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए केंद्र सरकार ने शुरू किया ‘ऑपरेशन सिंधु’
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू करने की घोषणा की है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि इजरायल छोड़ने के इच्छुक भारतीय नागरिकों को पहले इजरायल की स्थल सीमाओं (मिस्र और जॉर्डन) के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा, और फिर हवाई मार्ग से भारत लाया जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे दूतावास में पंजीकरण कराएं और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें। पंजीकरण के लिए दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक का उपयोग किया जा सकता है।
विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में 24×7 सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो प्रभावित भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता प्रदान करेगा। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर +91-11-23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905, और व्हाट्सएप नंबर +91-9968291988 जारी किए गए हैं। तेल अवीव में दूतावास के आपातकालीन नंबर +972-35226748 और ईमेल cons1.telaviv@mea.gov.in पर भी संपर्क किया जा सकता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मंत्रालय ने इजरायल और ईरान में मौजूदा संघर्ष के कारण उत्पन्न होने वाली व्यापारिक और लॉजिस्टिक चुनौतियों का आकलन करने के लिए शिपिंग लाइनों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक की योजना भी बनाई है।
‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत ईरान से पहले ही 110 भारतीय छात्रों को आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित निकाला जा चुका है, और अब इजरायल से निकासी की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
भारत सरकार ने इजरायल और पड़ोसी देशों की सरकारों से सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और हर संभव कदम उठा रहे हैं।”

















