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सिमडेगा पुलिस की मानवता की मिसाल: थैलेसीमिया पीड़ित 9 वर्षीय बच्ची की जान बचाने के लिए जवान ने रात में किया रक्तदान

सिमडेगा : झारखंड के सिमडेगा जिले में पुलिस विभाग ने एक बार फिर मानवता और सामाजिक सेवा की अद्भुत मिसाल पेश की है। थैलेसीमिया से पीड़ित 9 वर्षीय मासूम बच्ची रोनिका कुल्लू को तत्काल ओ-पॉजिटिव रक्त की जरूरत थी, लेकिन ब्लड बैंक में इस ब्लड ग्रुप की कमी के कारण उसके परिजन बेहद परेशान थे। ऐसे में समाजसेवी प्रभात कुमार ने रात्रि में ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रीकांत राव खोतरे को मामले की जानकारी दी और सहायता की गुहार लगाई।

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एसपी श्रीकांत राव खोतरे ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। उन्होंने परिचारी प्रवर, सिमडेगा को निर्देश दिए कि ओ-पॉजिटिव ब्लड उपलब्ध कराया जाए। निर्देशों के अनुसार, पुलिस टीम ने तेजी से काम किया और अपर समाहर्ता के अंगरक्षक के रूप में तैनात आरक्षी/502 देव कुमार दास को चिन्हित किया, जिनका ब्लड ग्रुप ओ-पॉजिटिव था।

आरक्षी देव कुमार दास ने बिना किसी हिचकिचाहट के 30 जनवरी 2026 को सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में पहुंचकर स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस त्वरित और निस्वार्थ कार्य से बच्ची को जरूरी रक्त मिल सका, जिससे उसका उपचार संभव हो पाया और उसकी जान बचाई जा सकी।

परिजनों ने पुलिस टीम और खासकर आरक्षी देव कुमार दास का हृदय से आभार व्यक्त किया है। यह कार्य न केवल बच्ची के जीवन में महत्वपूर्ण सहयोग साबित हुआ, बल्कि पुलिस की मानवीय छवि को और मजबूत किया है। सिमडेगा पुलिस ने ऐसे संवेदनशील और प्रशंसनीय कार्य की सराहना की है तथा आरक्षी देव कुमार दास को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित करने का निर्णय लिया है।

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