सिमडेगा में विश्व हिंदू परिषद ने धूमधाम से मनाया अखंड भारत दिवस
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के तत्वावधान में गुरुवार को जिला कार्यालय परिसर में अखंड भारत दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कौशल राज सिंह देव ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अखंड भारत दिवस भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और वैचारिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 1947 का भारत विभाजन केवल भौगोलिक सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को खंडित करने का प्रयास था।
कौशल राज सिंह देव ने युवाओं से अपील की कि वे राष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा, “आज का दिन हमें अखंड भारत के सपने को साकार करने के लिए एकजुट होने का संकल्प दिलाता है। भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक गौरव को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।”
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नारायण दास ने अपने संबोधन में भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार और श्रीलंका जैसे देश भारत का अभिन्न हिस्सा थे। लेकिन विदेशी आक्रमणों, मुगल काल और ब्रिटिश शासन के दौरान भारत की सीमाएं लगातार सिकुड़ती गईं। उन्होंने कहा, “1947 में ब्रिटिशों ने भारत को भारत और पाकिस्तान में बांटा, और 1971 में बांग्लादेश का निर्माण हुआ। इन घटनाओं ने हमारी भौगोलिक एकता को कमजोर किया, लेकिन हमारी सांस्कृतिक एकता आज भी अटूट है।”
नारायण दास ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इतिहास से सबक लेकर अखंड भारत के सपने को साकार करने के लिए एकजुट हों। कार्यक्रम में विभिन्न ऐतिहासिक तथ्यों और महापुरुषों के योगदान पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में अखंड भारत के संकल्प को दोहराया और राष्ट्र की एकता व सांस्कृतिक गौरव को बनाए रखने का प्रण लिया।

















