निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार पेश किया बजट; रेलवे को मिला अब तक का सबसे बड़ा आवंटन; भारतीय रेलवे के लिए रिकॉर्ड ₹2.93 लाख करोड़ का कैपेक्स
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें भारतीय रेलवे को अब तक का सबसे अधिक पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure/Capex) आवंटित किया गया है। रेलवे के लिए कुल कैपेक्स ₹2,93,030 करोड़ रखा गया है, जो पिछले वर्ष (2025-26) के ₹2.52-2.55 लाख करोड़ से लगभग 10-15% अधिक है। यह आवंटन इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के मजबूत फोकस को दर्शाता है और “विकसित भारत” के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।
7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान – तेज, स्वच्छ और विकास को जोड़ने वाले “ग्रोथ कनेक्टर्स”
बजट में सबसे बड़ी घोषणा रही 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की, जो पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देंगे और प्रमुख आर्थिक केंद्रों को तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे। ये कॉरिडोर हैं:
– मुंबई-पुणे
– पुणे-हैदराबाद
– हैदराबाद-बेंगलुरु
– हैदराबाद-चेन्नई
– चेन्नई-बेंगलुरु
– दिल्ली-वाराणसी
– वाराणसी-सिलीगुड़ी
ये कॉरिडोर देश के प्रमुख आर्थिक, तकनीकी और विनिर्माण हब्स को जोड़ेंगे, यात्रा समय कम करेंगे और कार्बन फुटप्रिंट घटाएंगे।
नया ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर – माल ढुलाई होगी तेज और सस्ती
माल परिवहन को मजबूत बनाने के लिए दानकुनी (पूर्व) से सूरत (पश्चिम) तक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है। यह ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स को और कुशल बनाएगा, माल ढुलाई की लागत घटाएगा और पर्यावरण-अनुकूल मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देगा।
अन्य प्रमुख प्रावधान और इंफ्रास्ट्रक्चर पुश
– कुल सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (Public Capex) को ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है, जिसमें रेलवे का बड़ा हिस्सा शामिल है।
– अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग (National Waterways) विकसित करने का प्रस्ताव, जो रेल-आधारित माल ढुलाई को सपोर्ट करेगा और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को मजबूत बनाएगा।
यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर-लेड ग्रोथ पर केंद्रित है, जिसमें रेलवे को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन माना गया है। रेलवे के आधुनिकीकरण, सुरक्षा, क्षमता विस्तार और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट पर जोर से “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की रफ्तार और तेज होने वाली है।


















