विनोद पांडेय ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- महिला सुरक्षा पर झूठ बोलने से पहले अपने गिरेबान में झांकें
रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा महिला सुरक्षा के मुद्दे पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए इसे चुनावी प्रचार का हथकंडा करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को झारखंड पर उंगली उठाने से पहले अपनी शासित राज्यों की स्थिति देखनी चाहिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विनोद पांडेय ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भाजपा शासित राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की दर सबसे अधिक है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट, जिसका भाजपा हवाला दे रही है, वह केंद्र सरकार की भी विफलता को उजागर करती है। ऐसे में भाजपा को पहले अपने दामन में झांकना चाहिए।”
विनोद पांडेय ने हेमंत सोरेन सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने सखी मंडल, पलाश ब्रांड, मंईयां सम्मान योजना, हेल्पलाइन, महिला थानों की स्थापना और फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या बढ़ाने जैसे कदमों का उल्लेख किया। पांडेय ने कहा, “राज्य सरकार ने हजारों महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। आज झारखंड की महिलाएं पहले से कहीं अधिक जागरूक और संगठित हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं कहा है कि राज्य में महिलाओं का पलायन रुक गया है। इसके अलावा, ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार ने विशेष अभियान चलाकर कई राष्ट्रीय गिरोहों का पर्दाफाश किया है।
विनोद पांडेय ने भाजपा पर आंकड़ों के साथ हेरफेर कर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कार्रवाई की गति पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज है। उन्होंने भाजपा से झूठ और डर की राजनीति छोड़कर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक कदम उठाने की अपील की।
विनोद पांडेय ने अंत में जोर देकर कहा, “भाजपा चाहे जितने झूठ फैलाए, जनता सच जानती है। हेमंत सरकार महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है।”
















