झामुमो का जीत संकल्प सम्मेलन: घाटशिला में संगठन की ताकत और जनसंपर्क की नई ऊर्जा
घाटशिला के नेताजी सुभाष टाउन हॉल में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने विधानसभा स्तरीय चुनाव प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। यह कार्यक्रम न केवल एक राजनीतिक सभा थी, बल्कि झामुमो की प्रतिबद्धता, अनुशासन और जनसंपर्क की नई ऊर्जा का प्रतीक बना।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के उच्च शिक्षा, पर्यटन एवं तकनीकी विभाग के मंत्री श्री सुदीब्य कुमार सोनू और भू-राजस्व एवं कल्याण मंत्री श्री दीपक विरुवा उपस्थित रहे। दोनों मंत्रियों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “मजबूत कार्यकर्ता ही मजबूत बूथ का आधार है, और मजबूत बूथ ही जीत की गारंटी।”

पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू ने कार्यकर्ताओं की भूमिका को “बॉर्डर पर तैनात सिपाही” से जोड़कर उनकी जिम्मेदारी और समर्पण की महत्ता रेखांकित की। वहीं, कुणाल षड़ंगी का भाषण सभा का सबसे प्रभावशाली क्षण रहा। उन्होंने स्व. गुरुजी और स्व. रामदास सोरेन को नमन करते हुए उनकी विरासत को याद किया और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पर तीखा प्रहार किया। षड़ंगी ने कहा, “जो अपने राजनैतिक साथी से उनके अंतिम क्षणों में मिलने तक नहीं गए, वे झारखंड की अस्मिता की बात किस मुंह से करते हैं? जिस पार्टी ने चंपई जी को इतना सम्मान दिया, जब वे उस पार्टी के नहीं हुए, तो घाटशिला की जनता के अपने कैसे हो सकते हैं?” उनके इस वक्तव्य ने सभा में राजनीतिक चेतना की नई लहर पैदा की।

सांसद जोबा मांझी ने कहा कि यह उपचुनाव झूठ और छल के खिलाफ लड़ाई है, साथ ही स्व. रामदास सोरेन की सोच और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विकास कार्यों पर जनमत का निर्णायक अवसर है।

सभा के सबसे भावनात्मक क्षण में स्व. रामदास सोरेन के पुत्र ने अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, “घाटशिला को एजुकेशन हब बनाना मेरे बाबा का सपना था, और इसे मैं पूरा करूंगा।” यह वक्तव्य हर श्रोता के दिल को छू गया।

मंत्री सुदीब्य कुमार सोनू और दीपक विरुवा ने संगठन की जमीनी ताकत पर जोर देते हुए कहा कि इस बार घाटशिला की जनता सिर्फ एक विधायक नहीं, बल्कि एक मंत्री चुनने जा रही है।

कार्यक्रम का समापन स्व. दिसोम गुरु बाबा शिबू सोरेन और स्व. रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुआ। धन्यवाद ज्ञापन जिला संयोजक बाघराय मार्डी ने किया।


















