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ढाका में फिर से हिंसा की आग: शेख हसीना पर फैसले से पहले बम धमाके और आगजनी, पुलिस को गोली चलाने का आदेश

ढाका : बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक साल पहले हुई खूनी छात्र आंदोलन की यादें अभी ताजा हैं, लेकिन अब फिर से अफरा-तफरी का माहौल है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल (आईसीटी) में फैसले से ठीक एक दिन पहले रविवार रात को शहर में कई जगहों पर क्रूड बम धमाके हुए। इन हमलों में कोई हताहत तो नहीं हुआ, लेकिन दहशत फैल गई है। पुलिस ने हिंसक प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का सख्त आदेश जारी कर दिया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार रात को ढाका के कई इलाकों में क्रूड बम फटे। इनमें मुहम्मद यूनुस (अंतरिम सरकार प्रमुख) के सलाहकार सयेदा रिजवाना हसन के आवास के बाहर दो बम धमाके शामिल हैं। इसके अलावा, करवान बाजार क्षेत्र में एक और विस्फोट हुआ। पुलिस ने बताया कि शहर में कुल 17 से अधिक स्थानों पर ऐसे हमले हुए, जिनमें ढाका विश्वविद्यालय के पास एक घटना में तीन लोग घायल हो गए। एक मॉल और एक डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग ग्राउंड को भी निशाना बनाया गया।

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर ने रविवार रात को बयान जारी कर कहा, “जो कोई बसों में आग लगाएगा या क्रूड बम फेंककर लोगों को मारने की कोशिश करेगा, उसे गोली मार दी जाए। यह हमारे कानून में स्पष्ट रूप से अनुमत है।” यह ‘शूट-ऑन-साइट’ आदेश आगजनी या पुलिस/नागरिकों पर हमले करने वालों के खिलाफ है। शहर में सेना, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी), रैपिड एक्शन बटालियन और अन्य सुरक्षा बल तैनात हैं। हाई कोर्ट और ट्रिब्यूनल क्षेत्र के आसपास बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है।

अवामी लीग ने फैसले के खिलाफ दो दिवसीय ढाका बंद का आह्वान किया है, जिसे सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है। हसीना ने एक ऑडियो संदेश में समर्थकों से सड़क पर उतरने को कहा, “डरने की कोई बात नहीं, मैं जिंदा हूं।” अंतरिम सरकार प्रमुख यूनुस पर हसीना ने “षड्यंत्रकारी” होने का आरोप लगाया है।

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