भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बाघचट्टी में कंबल वितरण, पूर्व मंत्री विमला प्रधान ने दी श्रद्धांजलि
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा ठेठईटांगर प्रखंड के बाघचट्टी गांव में सोमवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 50 से अधिक वृद्ध जनजातीय नागरिकों को कंबल वितरित किए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पापनजलि एवं माल्यार्पण से हुई। मुख्य अतिथि गोंड महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री विमला प्रधान ने भगवान बिरसा मुंडा को स्मरण करते हुए कहा कि वे न केवल एक आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि समाज सुधारक और आध्यात्मिक नेता भी थे। उन्होंने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ ऐतिहासिक ‘उलगुलान’ आंदोलन का नेतृत्व किया और धरती आबा के नाम से पूजे जाते हैं।
विमला प्रधान ने कहा, “भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष किया। अंग्रेजों द्वारा थोपी गई जमींदारी प्रथा, ईसाई मिशनरियों के जबरन धर्मांतरण और आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ उन्होंने जनजातीय समाज को एकजुट किया।” उन्होंने केंद्र सरकार के उस निर्णय की सराहना की जिसमें बिरसा मुंडा की जयंती को हर साल ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में वनवासी कल्याण आश्रम के संतोष दास, बसंत नारायण माझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जनजातीय समुदाय के महिला-पुरुष एवं युवा उपस्थित थे।

















