राजद प्रवक्ता कैलाश यादव का बीजेपी-आरएसएस पर तीखा हमला: वंदे मातरम् पर ओछी राजनीति, 52 साल तक राष्ट्रगान-तिरंगे का बहिष्कार किया
रांची : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने सोमवार को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् राष्ट्रगीत को लेकर दोनों संगठन राष्ट्रभक्ति के नाम पर घटिया और विभाजनकारी राजनीति कर रहे हैं।
कैलाश यादव ने अपने प्रेस बयान में कहा, “वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का मजबूत हिस्सा रहा है। यह क्रांतिकारियों को एकजुट करने और देशभक्ति का जज्बा जगाने वाला नारा था। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इसे 1870 के दशक में लिखा था और पहली बार 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे गाया था। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे आधिकारिक रूप से राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था। यह गीत देश की एकता का प्रतीक है।”
राजद प्रवक्ता ने आगे कहा, “लेकिन बीजेपी और आरएसएस आज इसी वंदे मातरम् को हथियार बना कर हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की गंदी राजनीति कर रहे हैं, खासकर पश्चिम बंगाल और असम के आने वाले चुनावों को देखते हुए। यह उनकी नाकाम कोशिश है।”
कैलाश यादव ने आरएसएस पर पुराना आरोप दोहराते हुए कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हिंदू महासभा के समय से ही 52 वर्षों तक राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और तिरंगे झंडे का खुलेआम बहिष्कार किया था। संघ के कार्यालयों में आजादी के कई दशकों बाद तक तिरंगा नहीं फहराया जाता था। स्वतंत्रता संग्राम में संघ और हिंदू महासभा की विचारधारा वाले लोगों का कोई योगदान नहीं था। अब यही लोग वंदे मातरम् के नाम पर फर्जी राष्ट्रभक्ति का नाटक कर रहे हैं।”


















