महिला जागृति प्रोड्यूसर कंपनी ने बदली ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर: आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झारखंड के सिमडेगा जिले में ‘जोहार परियोजना’ के तहत संचालित महिला जागृति प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है। सिमडेगा सदर, कुरडेग और केरसई प्रखंडों में सक्रिय यह कंपनी छोटे एवं सीमांत किसानों, खासकर महिलाओं, को नई दिशा प्रदान कर रही है।
कंपनी के निदेशक मंडल की सदस्यों शांता एक्का, तेरेसा तिर्की और पूनम देवी।के नेतृत्व में चल रहे प्रयासों से सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि क्षेत्र में रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम भी बन रही हैं। यह कंपनी अपने शेयरधारकों और ग्रामीण महिलाओं को संगठित करके उन्हें स्थायी आजीविका के स्रोत उपलब्ध करा रही है।
मुख्य रूप से कृषि, मत्स्य पालन, लघु वनोपज संग्रहण।और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया जा रहा है। जोहार परियोजना (झारखंड ऑपर्च्युनिटीज फॉर हार्नेसिंग रूरल ग्रोथ) के सहयोग से यह कंपनी अब महिलाओं के लिए आय का प्रमुख स्रोत बन गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
विश्व बैंक समर्थित जोहार परियोजना ने झारखंड में लाखों ग्रामीण परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और महिलाओं के नेतृत्व वाले उत्पादक समूहों को बढ़ावा दिया है। महिला जागृति प्रोड्यूसर कंपनी इसी परियोजना की एक सफल मिसाल है, जो दर्शाती है कि संगठित प्रयासों से ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि पूरे समुदाय को आगे ले जा सकती हैं।
यह पहल झारखंड की ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है, जहां पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर विविध आजीविका विकल्प अपनाए जा रहे हैं।

















