फरक्का एक्सप्रेस में कछुओं की तस्करी का भंडाफोड़: आरपीएफ ने 22 बैगों से बड़ी संख्या में जीवित कछुए बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार
नई दिल्ली/साहिबगंज : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता से फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन में प्रतिबंधित कछुओं की अवैध तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में आरपीएफ टीम ने ट्रेन से 22 बैग बरामद किए, जिनमें बड़ी संख्या में जीवित कछुए भरे हुए थे। इस कार्रवाई में तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार को सूचना मिली थी कि साहिबगंज-बरहरवा रेलखंड के रास्ते प्रतिबंधित कछुओं की तस्करी हो रही है। इसके बाद जवानों को अलर्ट कर ट्रेनों की विशेष निगरानी शुरू की गई। 15734 डाउन फरक्का एक्सप्रेस के साहिबगंज से रवाना होते ही तीन संदिग्ध यात्रियों की गतिविधियां आरपीएफ को शक के दायरे में लाईं।
ट्रेन गश्त के दौरान जवानों ने संदिग्धों पर नजर रखी और तालझारी स्टेशन के पास सघन जांच अभियान चलाया। जांच में कुल 22 बैग जब्त किए गए, जिनमें छोटे से लेकर बड़े आकार के जीवित कछुए भरे हुए थे। यह तस्करी बेहद सुनियोजित तरीके से की जा रही थी। सभी बैगों को बरहरवा रेलवे स्टेशन पर उतारकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। अभी कछुओं की कुल संख्या की गिनती नहीं हो पाई है।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के रहने वाले करण पत्रकट, कुसमा पत्रकट और मंजू पत्रकट के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे बनारस से कछुए खरीदकर पश्चिम बंगाल के फरक्का ले जा रहे थे, जहां इन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी।
आरपीएफ ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरामद कछुओं को वन विभाग के साथ समन्वय कर सौंपा जाएगा, ताकि उनका सुरक्षित संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।

















