टाटानगर: नये सहायक लोको पायलटों को आपदा राहत और आपातकालीन चिकित्सा प्रशिक्षण
टाटानगर : दक्षिण पूर्व रेलवे के इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र, टाटानगर में विंटर प्रशिक्षण शिविर सीजन-2 के तहत रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (आरआरबी) रांची, हावड़ा और मालदा से चयनित नये सहायक लोको पायलटों को आपदा राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की टीम ने इस प्रशिक्षण का संचालन किया, जिसमें कुल 350 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रशिक्षण के दौरान सहायक लोको पायलटों को हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच अंतर, लक्षणों की पहचान तथा सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देने की सही विधि सिखाई गई। प्रशिक्षण डिजिटल प्रेजेंटेशन और पीपीटी के माध्यम से दिया गया। सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में लगभग 50% की वृद्धि हो जाती है, क्योंकि ठंड में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और रक्त गाढ़ा हो जाता है। उन्होंने भारत में हाई बीपी से प्रभावित 30% और डायबिटीज से ग्रसित 12% आबादी का जिक्र करते हुए चिंता जताई।
इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने आगे बताया कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत हार्ट अटैक के मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए ‘गोल्डन आवर’ में टेनेक्टेप्लेस या स्टेप्टोकिनेस जैसी इंजेक्शन स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त उपलब्ध हैं। साथ ही जन औषधि केंद्रों से दिल की बीमारियों की दवाएं सस्ते दामों पर मिल रही हैं।
कार्डियक अरेस्ट के प्रमुख लक्षणों के रूप में अचानक चेतना खो जाना, सांस रुक जाना और नाड़ी न चलना बताया गया, जबकि हार्ट अटैक में सीने में दर्द/दबाव, सांस लेने में तकलीफ, हाथों-कंधों-पीठ में दर्द आदि शामिल हैं। प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि पेसमेकर लगे व्यक्ति या अंग कटे हुए व्यक्ति को सीपीआर नहीं देना चाहिए।
दूसरे सत्र में डेमॉन्स्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने प्रशिक्षण केंद्र के प्रांगण में फायर फाइटिंग की तकनीकें सिखाईं, विशेष रूप से एलपीजी गैस लीकेज से लगने वाली आग बुझाने के विभिन्न तरीके प्रदर्शित किए।
यह प्रशिक्षण दक्षिण पूर्व रेलवे के इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया, जहां सभी वरिष्ठ और कनिष्ठ अनुदेशक उपस्थित रहे। नवयुवक सहायक लोको पायलटों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के प्रति उत्साह और जिम्मेदारी की भावना साफ दिखाई दी।















