चर्चित पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा: जमीन विवाद में रची गई सुनियोजित साजिश, अब तक कुल 13 आरोपी गिरफ्तार!
खूँटी : झारखंड के खूँटी जिले में आदिवासी समाज के प्रभावशाली नेता और पड़हा राजा सोमा मुंडा।की गोली मारकर की गई हत्या का मामला अब पूरी तरह सुलझता नजर आ रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या किसी तात्कालिक विवाद का नतीजा नहीं थी, बल्कि सीएनटी/गैरमजरुआ जमीन से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद और जमीन कारोबारियों की सुनियोजित साजिश का परिणाम थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!खूँटी एसपी प्रवीण टोप्पो (या संबंधित एसपी के अनुसार जांच में) ने बताया कि हत्या की पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी। इसमें हथियार, मोटरसाइकिल और भाड़े के शूटरों की व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने इस हत्याकांड में शूटर समेत 6 लोगों को हाल ही में गिरफ्तार किया है, जबकि पूर्व में 7 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच में पता चला है कि जियारप्पा गांव की करीब 3.16 एकड़ जमीन को लेकर यह पूरा विवाद था। इस जमीन पर वर्षों से पड़हा समिति की ओर से जात्रा (पड़हा जात्रा मेला) आयोजित होता आ रहा था। कुछ जमीन दलालों और कारोबारियों ने इसे बेचने-खरीदने की कोशिश की, जिसका सोमा मुंडा और अन्य ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया। नवंबर में जमीन को समतल करने और पत्थर के निशान हटाने की कोशिश हुई, जिसे भी सोमा मुंडा ने रोका। इसी रंजिश के चलते उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
7 जनवरी 2026 की शाम को खूँटी थाना क्षेत्र के जमुवादाग तालाब के पास सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ बाइक से लौट रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैला था, जिसके चलते कई बार बंद और प्रदर्शन हुए।
घटना के बाद पुलिस ने एसआईटी गठित कर तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल्स और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी शुरू की. जांच के दौरान हत्या में प्रयुक्त देसी पिस्टल, चार जिंदा गोलियां, दो मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में 44 वर्षीय दानियल सांगा, 20 वर्षीय सुमित दाल सांड, 20 वर्षीय मार्कुस सांगा, 25 वर्षीय रोशन मिंज, 35 वर्षीय संदीप खलखो और 32 वर्षीय संतोष दाल सांड शामिल हैं.

















