20260120 163011

झारखंड में औद्योगिक क्रांति का नया अध्याय! मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ₹1.27 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव, ग्रीन स्टील युग की शुरुआत

रांची : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा के बाद झारखण्ड में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में निवेश और ग्रीन स्टील युग का शुभारंभ हो चुका है। टाटा स्टील और नवीन जिंदल समूह के निवेश प्रस्ताव समेत स्टील और पावर सेक्टर, इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग, उन्नत कोटिंग और फिनिश्ड स्टील, ऑटोमोबाइल उद्योग और सीमेंट उद्योग के लिए विभिन्न निवेशकों ने झारखण्ड में निवेश के प्रति रुचि दिखाते हुए कुल 1 लाख 27 हजार करोड़ के निवेश का आशय पत्र उद्योग विभाग झारखण्ड सरकार को सौंपा गया है। इसमें नवीन जिंदल समूह का 70 हजार करोड़ तथा टाटा स्टील का 11 हजार करोड़ का निवेश भी प्रस्तावित है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

झारखण्ड सरकार और प्रमुख औद्योगिक समूहों जैसे टाटा स्टील एवं नवीन जिंदल समूह के बीच हुए ऐतिहासिक समझौतों के अतिरिक्त उड़ीसा एलॉय स्टील, रुंगटा माइन्स, अम्लगाम स्टील एंड पॉवर, बीएमडब्लू इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जय सस्पेंशन लिमिटेड, अंबुजा सीमेंट लिमिटेड से प्राप्त आशय पत्र के बाद राज्य एक नए औद्योगिक युग के द्वार पर खड़ा है। ₹1 लाख 27 हजार करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव झारखण्ड को ना सिर्फ स्टील हब बनाएगा, बल्कि ग्रीन एनर्जी और अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित भी करेगा।

टिकाऊ और भविष्योन्मुखी विकास

इस निवेश का मुख्य उद्देश्य जीरो कार्बन लक्ष्यों की प्राप्ति और उच्च-गुणवत्ता वाले फिनिश्ड उत्पादों का निर्माण है। राज्य अब केवल कच्चे माल का स्रोत नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से दुनिया को क्लीन स्टील और स्मार्ट ऑटो-कंपोनेंट्स की आपूर्ति करने के लिए दुनिया के सामने तैयार है।

लातेहार में स्टील और पावर सेक्टर के क्षेत्र में ₹25,000 करोड़ निवेश का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में संतुलित विकास को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत लातेहार में स्टील और पावर सेक्टर के क्षेत्र में उड़ीसा स्टील अलॉय लिमिटेड ₹25,000 करोड़ का निवेश से संबंधित आशय पत्र (LoI) प्रेषित किया है। इसके तहत ब्लास्ट फर्नेस और डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (DRI) यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग के लिए सरायकेला खरसावाँ में रुंगटा समूह ₹10,000 करोड़ के निवेश से स्टील, पावर और सीमेंट प्लांट का निर्माण करेगा। इसके अतिरिक्त रुंगटा माइन्स लिमिटेड द्वारा ₹300 करोड़ का अलग निवेश भी प्रस्तावित है। उन्नत कोटिंग और फिनिश्ड स्टील के लिए बोकारो में बीएमडब्लू (BMW) इंडस्ट्रीज लिमिटेड ₹1,070 करोड़ की लागत से कोल्ड रोल्ड फुल हार्ड कॉइल्स और Galvalume / ZAM कोटेड कॉइल्स का उत्पादन करेगी, जो जंग-रोधी और टिकाऊ समाधान प्रदान करेंगे। ऑटोमोटिव सेक्टर के तहत पूर्वी सिंहभूम के आदित्यपुर में जय सस्पेंशन द्वारा ₹255 करोड़ के निवेश से लीफ और पैराबोलिक स्प्रिंग्स का निर्माण किया जाएगा, जो ऑटोमोबाइल उद्योग को मजबूती देगा। फिनिश्ड स्टील एवं पावर पूर्वी सिंहभूम के कांड्रा में अमलगम स्टील द्वारा ₹4,980 करोड़ का निवेश का प्रस्ताव है, जो फिनिश्ड स्टील उत्पादन पर केंद्रित होगा।

प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन

इस निवेश प्रस्ताव का सबसे बड़ा लाभ राज्य के राज्य के हुनरमंद युवाओं और स्थानीय लोगों को मिलेगा। अनुमान है कि इन प्रस्तावित परियोजनाओं से 46,555 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसमें उड़ीसा स्टील अलॉय से 20,000, रुंगटा से 6,200, अमलगम स्टील से 3,000 और बीएमडब्लू इंडस्ट्रीज से 1,415, जय सस्पेंशन से 2,500 से अधिक परिवार को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा।

अत्याधुनिक तकनीक का होगा उपयोग

टाटा स्टील, जिंदल और अन्य समूहों ने झारखण्ड में विश्व की सबसे उन्नत तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया है। EASyMelt जैसे तकनीक से विद्युत ऊर्जा और सिनगैस के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में 50% की कमी होगी।Hisarna तकनीक स्थानीय निम्न-श्रेणी के लौह अयस्क का उपयोग कर उत्सर्जन को 80% तक कम कर सकती है।ग्रीन एनर्जी सोलर प्लांट और ग्रीन फील्ड न्यूक्लियर प्लांट के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा पर जोर दिया जाएगा। सस्टेनेबल टिनप्लेट पर्यावरण अनुकूल ‘मिथाइल सल्फोनिक एसिड’ और 85% वाटर रीसाइक्लिंग पर ध्यान केंद्रित करेगा। Galvanized, Galvalume, ZAM और कलर-कोटेड स्टील की उपयोगिता पर भी जोर दिया। ये उत्पाद ऑटोमोटिव, घरेलू उपकरणों और निर्माण कार्यों के लिए अत्यधिक टिकाऊ, जंग-रोधी और गर्मी सहने वाले समाधान प्रदान करेंगे।

Share via
Share via