वीर शहीद तेलंगा खड़िया की 220वीं जयंती: सिमडेगा में श्रद्धांजलि, विकास की मांग
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : झारखंड के महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी नायक वीर शहीद तेलंगा खड़िया की 220वीं जयंती आज पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। सिमडेगा जिले के तेलंगा खड़िया स्मारक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में जुटे। सभी ने सरना विधि से पूजा-अर्चना कर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और देश की एकता, अखंडता तथा संस्कृति की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने की शपथ ली।
तेलंगा खड़िया (जन्म: 9 फरवरी 1806, मुरगू गांव, गुमला जिला) ने 1850-1860 के दौरान छोटानागपुर क्षेत्र में ब्रिटिश राज के खिलाफ खड़िया विद्रोह का नेतृत्व किया था। उन्होंने आदिवासियों के भूमि अधिकारों, अन्याय और शोषण के विरुद्ध जनजातीय समाज को एकजुट किया। जुरी पंचायतों का गठन कर स्वशासन की व्यवस्था स्थापित की और लगभग 1500 योद्धाओं को गुरिल्ला युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया। उनका जीवन ब्रिटिश अत्याचारों के खिलाफ अदम्य साहस का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम में तेलंगा खड़िया स्मारक स्थल समिति के अध्यक्ष मतीयस कुल्लू ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वीर शहीद तेलंगा खड़िया आदिवासी अस्मिता और स्वतंत्रता के प्रतीक हैं। उन्होंने सरकार से स्मारक स्थल के विकास, रखरखाव और बेहतर सुविधाओं की मांग की ताकि भावी पीढ़ियां इस महानायक से परिचित हो सकें। हालांकि, निकाय चुनाव को लेकर लागू आचार संहिता के कारण कार्यक्रम सामान्य रूप से संपन्न हुआ।

















