केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी कार्यक्रमों में अब अनिवार्य होगा वंदे मातरम् का पूरा 6 अंतरा वाला संस्करण
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और प्रस्तुति में एकरूपता लाने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब आधिकारिक मौकों पर वंदे मातरम् के छह अंतरा (श्लोक) वाले पूर्ण संस्करण को बजाना या गाना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस 10 पन्नों के आदेश के अनुसार, यह नियम प्रमुख अवसरों पर लागू होगा जिनमें राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराने के समय, राष्ट्रपति के किसी औपचारिक कार्यक्रम में आगमन और प्रस्थान पर, राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन या भाषण से पहले और बाद में और राज्यपालों या उपराज्यपालों के आगमन और उनके भाषणों से पहले तथा बाद में
इसके अलावा, यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ वंदे मातरम् बजाया जा रहा हो, तो पहले वंदे मातरम् बजेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गीत बजने या गाए जाने के दौरान सभी उपस्थित लोगों को खड़े होकर सम्मान दिखाना अनिवार्य होगा। हालांकि, सिनेमा हॉल या समाचार फिल्मों में इसकी अनिवार्यता लागू नहीं होगी, ताकि फिल्म प्रदर्शन में व्यवधान न आए।
यह कदम राष्ट्रीय गीत के प्रति गहन सम्मान और आधिकारिक प्रोटोकॉल में सुसंगतता सुनिश्चित करने का उद्देश्य रखता है। अब तक आधिकारिक कार्यक्रमों में मुख्यतः वंदे मातरम् का संक्षिप्त संस्करण ही प्रयोग होता था, लेकिन अब पूर्ण छह अंतरा वाला संस्करण अनिवार्य हो गया है। सरकार का यह निर्देश सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक संस्थाओं को भेजा गया है, ताकि देशभर में एक समान नियम लागू हो सके।

















