झारखंड में अप्रैल 2026 से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR): चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना, तैयारी पूरी करने के निर्देश

नई दिल्ली : झारखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है। भारत निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है और झारखंड सहित 22 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
यह SIR अभियान पूरे देश में मतदाता सूचियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है, जिसमें 2003 की पुरानी मतदाता सूची के आधार पर वर्तमान सूची की मैपिंग (parental mapping) का काम कई महीनों से जारी है। झारखंड में अब तक लगभग 1.93 करोड़ मतदाताओं (कुल 2.65 करोड़ में से करीब 72%) की पैरेंटल मैपिंग पूरी हो चुकी है और 6.72 लाख त्रुटियां चिह्नित की जा चुकी हैं।
मुख्य बिंदु:
– अर्हक तिथि : 01 जनवरी 2026 को आधार मानकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण होगा।
– उद्देश्य : मृत मतदाताओं को हटाना, एक ही व्यक्ति के कई जगह नाम दर्ज होने से रोकना, अवैध नामांकन रोकना और पात्र युवाओं (18 वर्ष पूर्ण करने वाले) को शामिल करना।
– प्रक्रिया : गणना फॉर्म (Enumeration Forms) वितरित किए जाएंगे, BLOs (Booth Level Officers) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। आधार कार्ड अकेले नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा, अन्य दस्तावेज जरूरी होंगे।
– अन्य राज्य : यह तीसरा चरण है, जिसमें झारखंड के अलावा आंध्र प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड आदि शामिल हैं। पहले चरण में बिहार में SIR पूरा हो चुका है, जबकि 12 अन्य राज्यों में चल रहा है।
चुनाव आयोग का कहना है कि यह अभियान लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है, क्योंकि पिछला SIR 2002-2004 में हुआ था और उसके बाद से जनसंख्या, प्रवासन आदि में बड़े बदलाव आए हैं।
मतदाता अपने नाम की जांच voters.eci.gov.in पर कर सकते हैं और किसी त्रुटि पर BLO या Booth Level Officer से संपर्क करें। प्रक्रिया शुरू होने पर आवश्यक दस्तावेज (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, आधार, पासपोर्ट, राशन कार्ड आदि) तैयार रखें।

















