नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा की शपथ: बिहार की सियासत में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत
नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा की शपथ: बिहार की सियासत में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत
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नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को संसद भवन में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण कर ली। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम को पूरी तरह सादगीपूर्ण और सीमित रखा गया। शपथ ग्रहण गोपनीय तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें केवल कुछ चुने हुए वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति रही।
चारों सदनों के सदस्य बनने वाले पहले नेता
नीतीश कुमार अब देश के उन दुर्लभ नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा—चारों सदनों का सदस्य बनने का अनुभव हासिल कर लिया है।शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने संकेत दिया कि अब वे मुख्य रूप से दिल्ली में रहकर राष्ट्रीय राजनीति पर फोकस करेंगे। उन्होंने कहा, “अब यहीं रहूंगा।”
बिहार में सत्ता परिवर्तन की घड़ी
यह शपथ बिहार की राजनीति के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होने वाली है। शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। NDA गठबंधन 13 अप्रैल (खड़मास समाप्त होने) के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला कर सकता है।जद(यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा सहित कई नेताओं ने इस दौरान शपथ समारोह में हिस्सा लिया।
क्या है आगे का सियासी समीकरण?
नीतीश कुमार अब संसद में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
बिहार में NDA की नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज होने वाली है। नए मुख्यमंत्री के चयन में नीतीश कुमार की सहमति अहम रहेगी।
शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार दिल्ली में ही ठहर सकते हैं। बिहार लौटने पर औपचारिक इस्तीफा और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।














