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धनबाद के 10 सरकारी अस्पतालों में लगेगा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम, गांव में ही मिलेगी विशेषज्ञों की सलाह

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झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 49.89 लाख रुपये किए स्वीकृत, राज्य के 191 सीएचसी समेत 220 स्वास्थ्य संस्थानों में बढ़ेगी टेलीमेडिसिन सुविधा

धनबाद: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए झारखंड सरकार ने सरकारी अस्पतालों में टेलीमेडिसिन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा के विस्तार की पहल की है। इस योजना के तहत धनबाद जिले के 10 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम और जरूरी उपकरण लगाए जाएंगे। इसके लिए कुल 49.89 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में इलाज कराने वाले मरीजों के उपचार में बड़े अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह लेने में मदद मिलेगी।

धनबाद के 10 अस्पतालों में होगी व्यवस्था

योजना में धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच), सदर अस्पताल और जिले के आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इन स्वास्थ्य संस्थानों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा विकसित करने के लिए उपकरणों की खरीद और स्थापना की जाएगी।
इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात डॉक्टर जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे संपर्क कर सकेंगे। मरीज के लक्षण, जांच रिपोर्ट और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर आगे के उपचार के संबंध में सलाह ली जा सकेगी।

Durga puja
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राज्य सरकार ने 11.62 करोड़ रुपये किए स्वीकृत

झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस योजना के लिए कुल 11 करोड़ 62 लाख 55 हजार 583 रुपये की राशि स्वीकृत की है। विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की ओर से राशि आवंटन संबंधी आदेश जारी किया गया है।योजना के तहत राज्य के सभी 24 सदर अस्पतालों, पांच मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों और 191 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम की खरीद और स्थापना की जानी है।

एसएनएमएमसीएच और सदर अस्पताल को मिलेंगे करीब 5-5 लाख रुपये

धनबाद जिले में एसएनएमएमसीएच और सदर अस्पताल के लिए अलग-अलग 4 लाख 98 हजार 951 रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, जिले के आठ सीएचसी के लिए कुल 39 लाख 91 हजार 608 रुपये का प्रावधान है। इस प्रकार जिले के सभी 10 स्वास्थ्य संस्थानों के लिए लगभग 49.89 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।

ग्रामीण मरीजों को क्या होगा फायदा?

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को मिलने की उम्मीद है। सीएचसी में इलाज के दौरान किसी जटिल बीमारी या गंभीर स्वास्थ्य समस्या के सामने आने पर स्थानीय डॉक्टर विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह ले सकेंगे।इससे मरीजों को विशेषज्ञ की राय लेने के लिए हर बार बड़े अस्पताल तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। समय पर चिकित्सकीय सलाह मिलने से इलाज की दिशा तय करने और जरूरत पड़ने पर मरीज को उच्च स्तरीय अस्पताल में रेफर करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार बड़े अस्पताल में रेफर करना जरूरी होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प बनेगी, न कि हर स्थिति में अस्पताल जाने का पूर्ण विकल्प।

191 सीएचसी के लिए 9.52 करोड़ रुपये का प्रावधान

राज्यभर में इस योजना के तहत सबसे अधिक राशि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए निर्धारित की गई है। कुल 9 करोड़ 52 लाख 99 हजार 641 रुपये 191 सीएचसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम की स्थापना के लिए रखे गए हैं।
इनमें पश्चिमी सिंहभूम के 14, रांची के 13, गिरिडीह के 12 और गुमला के 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों के सीएचसी में भी यह सुविधा विकसित की जाएगी।

पांच मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भी योजना में शामिल

योजना के दायरे में धनबाद के एसएनएमएमसीएच के अलावा जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को शामिल किया गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम का इस्तेमाल केवल मरीजों के उपचार संबंधी परामर्श तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए स्वास्थ्य विभाग की बैठकें, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण, योजनाओं की समीक्षा और अस्पतालों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान भी किया जा सकेगा।

उपकरणों की खरीद और स्थापना की जिम्मेदारी एजेंसी की

विभागीय आदेश के अनुसार, योजना की राशि संबंधित सरकारी एजेंसी के पीएल खाते में हस्तांतरित की जाएगी। उपकरणों की खरीद, स्थापना और योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। उपकरणों का रिकॉर्ड रखने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी प्रावधान किया गया है। अब इस योजना का वास्तविक लाभ उपकरणों की समय पर खरीद, स्थापना, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अस्पतालों में इसके नियमित इस्तेमाल पर निर्भर करेगा। यदि व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो धनबाद समेत पूरे झारखंड में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं तक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की पहुंच बेहतर हो सकती है।

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गोविंद मोदक

गोविंद मोदक

रिपोर्टर

पत्रकार | न्यूज़ रिपोर्टर | मीडिया प्रोफेशनल गोविंद मोदक धनबाद, झारखंड के पत्रकार हैं और उन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अपराध, राजनीति, सामाजिक एवं नागरिक मुद्दों, जनसरोकार और जमीनी स्थानीय खबरों पर रिपोर्टिंग की है। उन्होंने Newz India 24, TV45 Satellite Channel, DHN24, Vande Bharat News, Chanakya News India Jharkhand और Bharatmitra News जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ कार्य किया है। उनकी पत्रकारिता तथ्यपरक, जिम्मेदार और जमीनी रिपोर्टिंग पर केंद्रित है, जिसमें आम लोगों के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाना शामिल है। मुख्य विशेषज्ञता: अपराध एवं राजनीतिक रिपोर्टिंग • जमीनी पत्रकारिता • सामाजिक एवं नागरिक मुद्दे • जनसरोकार • प्रभावी संवाद एवं नेटवर्किंग