एयर एम्बुलेंस Crash मामला : 8 लाख रुपये कर्ज लेकर किया था एयर एम्बुलेंस , मरीज संजय छोटा सा चलाता था रेस्टोरेंट
एयर एम्बुलेंस Crash मामला : 8 लाख रुपये कर्ज लेकर किया था एयर एम्बुलेंस , मरीज संजय छोटा सा चलाता था रेस्टोरेंट
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रांची/चतरा, 24 फरवरी 2026 — झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया ब्लॉक के कसरिया पंचायत क्षेत्र में सोमवार शाम एक एयर एम्बुलेंस के क्रैश होने से विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह विमान रांची से दिल्ली जा रहा था, जहां गंभीर रूप से झुलसे एक मरीज को बेहतर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था।
हादसे में मारे गए लोगों में शामिल मरीज संजय कुमार (लातेहार जिले के चंदवा क्षेत्र के सरोजनगर निवासी, रेस्टोरेंट संचालक थे । जो 16 फरवरी को अपनेरेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट में लगी भीषण आग में 63% झुलस गए थे
उनकी पत्नी अर्चना देवी
उनका 17 वर्षीय बेटा ध्रुव कुमार डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता,पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा, पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत, सह-पायलट कैप्टन सवरजदीप सिंह
परिवार की पूरी कहानी दर्दनाक है। संजय कुमार एक साधारण रेस्टोरेंट चलाते थे, जिससे परिवार का गुजारा होता था। आग लगने के बाद स्थानीय अस्पतालों में डॉक्टरों ने कहा कि दिल्ली के बड़े अस्पताल में ही बेहतर इलाज संभव है। परिवार ने रिश्तेदारों से उधार लिया, बैंक और साहूकारों से कर्ज चुकाया—कुल मिलाकर 7.5 से 8 लाख रुपये का इंतजाम कर एयर एम्बुलेंस बुक की। उम्मीद थी कि संजय बच जाएंगे और परिवार फिर से पटरी पर आएगा। लेकिन यह उड़ान उनकी आखिरी साबित हुई।
चतरा के डिप्टी कमिश्नर कीर्तिश्री जी ने पुष्टि की कि क्रैश साइट पर सभी शव बरामद कर लिए गए हैं और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिए गए हैं। DGCA और एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB) ने जांच शुरू कर दी है। मौसम की खराबी को मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी खामी की भी जांच होगी।
यह हादसा न सिर्फ एविएशन सेफ्टी पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि गरीब परिवारों की मजबूरी को भी उजागर करता है—जब जान बचाने के लिए सब कुछ दांव पर लगाते हैं, तब भी किस्मत कभी-कभी बहुत क्रूर साबित होती है।प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल मदद का ऐलान किया है, लेकिन बचे हुए परिवार पर अब कर्ज का बोझ और शोक का साया दोनों हैं।
Redbird Airways की Beechcraft C90 विमान (रजिस्ट्रेशन VT-AJV) ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी। उड़ान के महज 23 मिनट बाद, लगभग 7:34 बजे, खराब मौसम (तूफान) के कारण पायलट ने कोलकाता एटीसी से रूट डेविएशन (रास्ता बदलने) की अनुमति मांगी। इसके तुरंत बाद विमान का संपर्क और रडार कनेक्शन टूट गया। विमान चतरा जिले के घने जंगल में गिरा, जहां बारिश और तूफान के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किल आई।
















