बंगाल चुनाव से पहले EC का बड़ा एक्शन: 2.41 करोड़ की फर्जी ‘डियर’ लॉटरी जब्त, धनबाद से जुड़ा है सिंडिकेट का तार

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बंगाल चुनाव से पहले EC का बड़ा एक्शन: 2.41 करोड़ की फर्जी ‘डियर’ लॉटरी जब्त, धनबाद से जुड़ा है सिंडिकेट का तार

Interstate Lottery Syndicate

आकाश सिंह / नवीन कुमार

आसनसोल/धनबाद:  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले चुनाव आयोग (EC) और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय लॉटरी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। शनिवार को झारखंड-बंगाल सीमा पर स्थित मैथन-कल्याणेश्वरी चेकपोस्ट पर नाकाबंदी के दौरान एक मिनी बस से 2.41 करोड़ रुपये  मूल्य की फर्जी ‘डियर’ लॉटरी बरामद की गई।

बस की तलाशी में खुला राज

सालानपुर थाना क्षेत्र के नाका पर पुलिस ने झारखंड से आ रही मिनी बस (नंबर: WB37C5476, ‘कृपामय’) को रोका। सघन तलाशी के दौरान बस के भीतर से 9 पेटियां बरामद हुईं। जांच करने पर इनमें  1,108 बंडल लॉटरी टिकट मिले, जिनमें कुल टिकटों की संख्या 11,000 से अधिक बताई जा रही है। इन टिकटों की बाजार में कीमत करीब 2.41 करोड़ रुपये आंकी गई है।

सासाराम से दुर्गापुर तक फैला है नेटवर्क

पुलिस जांच में पता चला है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय सिंडिकेट है:
संचालक: धनबाद के गोविंदपुर-बरवाअड्डा निवासी  मशरूल अंसारी  और  दयामय कुम्हाकार इस काले कारोबार के मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे हैं।
ठिकाना: ये आरोपी पश्चिम बंगाल के सीतारामपुर रेड लाइट एरिया को अपना केंद्र बनाकर नेटवर्क चला रहे हैं।
सप्लाई चेन: सिंडिकेट बिहार के सासाराम से शुरू होकर झारखंड के निरसा और झरिया होते हुए बंगाल के दुर्गापुर और बीरभूम तक फैला है।
डिलीवरी:  इस खेप को आसनसोल में पोलटू सिंह नाम के व्यक्ति को रिसीव करना था, जहाँ से इसे जामुड़िया और रानीगंज के डीलरों तक पहुँचाया जाना था।

क्या चुनाव में हो रहा था ‘पेमेंट बॉन्ड’ का खेल?

जांच एजेंसियों के लिए सबसे चौंकाने वाला पहलू इसका चुनावी कनेक्शन है। जानकारों का मानना है कि इन फर्जी लॉटरी टिकटों का इस्तेमाल चुनाव के दौरान ‘पेमेंट बॉन्ड’  के रूप में किया जा सकता है। यानी नकद के बजाय इन टिकटों को भुगतान के तौर पर दिया जाता है, जिसे बाद में सिंडिकेट के जरिए कैश कराया जा सकता है।

राजस्व को करोड़ों का चूना:  यह फर्जी लॉटरी असली ‘डियर’ लॉटरी की हूबहू नकल है। इससे न केवल आम जनता ठगी जा रही है, बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार के राजस्व को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

प्रमुख बिंदु: एक नजर में
कहाँ हुई कार्रवाई:  मैथन-कल्याणेश्वरी चेकपोस्ट (सालानपुर)।
कुल जब्ती: 2.41 करोड़ की फर्जी लॉटरी, 9 पेटियां (1,108 बंडल)।
छपाई का केंद्र: प्राथमिक जांच में मैथन और निरसा में छपाई की बात सामने आई है।
जांच का दायरा: चुनाव आयोग और पुलिस अब इस सिंडिकेट के राजनीतिक कनेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है।

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