इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर लगाई रोक, अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित
प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न (POCSO एक्ट) के मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी अंतरिम राहत प्रदान की है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है और फैसला आने तक उनकी गिरफ्तारी पर पूर्ण रोक लगा दी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम फैसला सुनाए जाने तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही, कोर्ट ने स्वामी को जांच में पूरा सहयोग करने का भी निर्देश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कोर्ट ने दोनों पक्षों (राज्य सरकार और याचिकाकर्ता) को लिखित सबमिशन और केस लॉ 12 मार्च तक दाखिल करने को कहा है। अंतिम फैसला मार्च के तीसरे सप्ताह में आने की संभावना जताई जा रही है।
यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र में दर्ज FIR से जुड़ा है, जिसमें POCSO एक्ट की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं लगाई गई हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को आधारहीन और साजिशपूर्ण करार दिया है।

















