हेमंत सरकार पर अमर बाउरी का तीखा हमला: अनुसूचित जाति समाज को आरक्षण में वंचित करने का आरोप
रांची : भाजपा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर अनुसूचित जाति (एससी) समाज के साथ विश्वासघात करने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाउरी ने कहा कि नगर निकाय चुनावों में एससी कोटा को जानबूझकर कम किया गया है, जिससे दलित समाज के हक और अधिकारों का हनन हो रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बाउरी ने रांची नगर निगम का उदाहरण देते हुए कहा कि कुल 53 वार्डों में एससी के लिए मात्र दो सीटें ही आरक्षित की गई हैं, जो समाज के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक कारणों से दलित समाज की संगठित ताकत को नजरअंदाज कर रही है और अलग-अलग नगर निकायों में मनमाने नियम लागू कर रही है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और झारखंडवासियों के नाम पर सत्ता में आई हेमंत सरकार अपने वादों से भटक गई है। राज्य में करीब 50 लाख एससी आबादी होने के बावजूद सरकार की योजनाओं में दलित समाज का नामोनिशान तक नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार के एक मंत्री ने खुद एससी की दयनीय स्थिति सुधारने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, जो हालात की गंभीरता को दर्शाता है।
नगर निगम और नगर पंचायत चुनावों पर बोलते हुए बाउरी ने कहा कि ये चुनाव न्यायालय के दबाव में आनन-फानन में कराए जा रहे हैं। पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देने के लिए सरकार ने मतदाता सूची के आधार पर फैसला लिया, लेकिन एससी के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार अपनी कमियों को नहीं सुधारती, तो दलित समाज बाबा साहेब अंबेडकर के संवैधानिक अधिकारों के तहत आंदोलन करने को मजबूर होगा।
बाउरी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने बाल आयोग, महिला आयोग, एससी आयोग और सूचना आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक आयोगों का गठन तक नहीं किया है, जो संवैधानिक मान्यताओं की अवहेलना है।
उन्होंने मांग की कि नगर निकाय चुनावों में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए और सभी वर्गों को न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व मिले। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक और भाजपा एससी मोर्चा आईटी सेल प्रभारी गोविंदा बाल्मिकी भी मौजूद थे।

















