20260122 180359

झारखंड में अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ प्रतिरोध मार्च: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की रिहाई की मांग

रांची में अमेरिकी साम्राज्यवाद द्वारा वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमले, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एवं उनकी पत्नी के अपहरण तथा क्रूर प्रतिबंधों के विरोध में एक बड़ा प्रतिरोध मार्च निकाला गया। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियंस (WFTU) के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न अमनपसंद, साम्राज्यवाद-विरोधी राजनीतिक दल, मजदूर-किसान-महिला-युवा-छात्र संगठन और सामाजिक संगठन शामिल हुए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

मार्च का नेतृत्व झामुमो के रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम, सीपीआई के अजय सिंह तथा वाम दलों, टीएमसी और समाजवादी पार्टी के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। सैनिक बाजार से शुरू होकर मेन रोड होते हुए लोक भवन तक पहुंचा यह मार्च “अमेरिकी साम्राज्यवाद हो बर्बाद”, “वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो एवं उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करो” जैसे नारों से गूंजता रहा।

लोक भवन पहुंचने पर मार्च सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता झामुमो के जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम ने की तथा संचालन सीपीआई के अजय कुमार सिंह ने किया। मुख्य वक्ता झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो एवं उनकी पत्नी का रात के अंधेरे में अपहरण निंदनीय है। यह साम्राज्यवादी ताकतों के खिलाफ लड़ाई है और इसे निरंतर जारी रखना होगा।

राज्यसभा सांसद महुआ मांझी ने घोषणा की कि वे संसद में भी अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ आवाज उठाएंगी। अन्य वक्ताओं में शुभेंदु सेन, नंदिता भट्टाचार्य, सुख नाथ, सुरेश मुंडा, भवन सिंह लोहारा, राम प्रसाद यादव, ट्रेड यूनियन के अशोक यादव एवं समीर दास शामिल थे।

सभा के बाद राष्ट्रपति के नाम एक स्मार-पत्र राज्यपाल को सौंपा गया। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में वेनेजुएला पर खुला साम्राज्यवादी आक्रमण की कड़ी भर्त्सना की गई है। वैध राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपदस्थ करने की धमकियां, झूठे आरोप, अपहरण तथा आर्थिक प्रतिबंध तेल संसाधनों की लूट के उद्देश्य से किए गए अपराध बताए गए हैं। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर एवं अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है तथा वैश्विक शांति के लिए चुनौती है।

स्मार-पत्र में भारत सरकार से मांग की गई है कि वेनेजुएला के विरुद्ध अमेरिकी आक्रमण, अपहरण, धमकियों एवं प्रतिबंधों का सार्वजनिक व कड़ा विरोध दर्ज करे तथा राष्ट्रपति मादुरो एवं उनकी पत्नी की बिना शर्त तत्काल रिहाई की मांग करे, गुटनिरपेक्ष एवं साम्राज्यवाद-विरोधी नीति को दृढ़ता से स्थापित करे, संयुक्त राष्ट्र एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संप्रभुता एवं आत्मनिर्णय के अधिकार के पक्ष में सक्रिय हस्तक्षेप करे और युद्ध, प्रतिबंध एवं संसाधन-लूट की साम्राज्यवादी नीतियों के विरुद्ध शांति, संवाद एवं अंतरराष्ट्रीय कानून का पक्ष ले।

कार्यक्रम में झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, पवन जेड़िया, वीरू तिर्की, झबूलाल महतो, रतीश द्विवेदी, कलाम आजाद, अफरोज अंसारी, सुजीत कुजूर, फरीद खान, कुलदीपक कुमार, संध्या गुड़िया, अंशु लकड़ा, महादेव मुंडा, विश्वजीत भट्टाचार्य, उत्तम यादव, बिंदे मुंडा, बिलाल अंसारी, असलम अंसारी और कुड्डूस अंसारी सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।

Share via
Share via