IMG 20201225 WA0014

खोरठा भाषा के शिल्पकार श्रीनिवास पांडुरी का जन्मशताब्दी मनाया गया.

गिरिडीह, दिनेश.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

गिरीडीह : खोरठा भाषा के शिल्पकार कहे जाने वाले श्रीनिवास पांडुरी का जन्म दिवस स्थानीय शिक्षाविदों एवं कुर्मी विकास मोर्चा के सदस्यों द्वारा कोरोना काल को देखते हुए जामतारा पंचायत भवन स्थित सभागार में एक सादे समारोह  में मनाया गया।

इस दौरान स्थानीय शिक्षाविदों की उपस्थिति देखी गई शिक्षाविदों के अनुसार श्रीनिवास पांडुरी के अथक प्रयास से खोरठा भाषा का विकास हुआ तथा कड़ी मेहनत के कारण आज झारखंड में खोरठा भाषा का प्रचलन जोरों पर है। बताया कि झारखंड का अपना भाषा संथाली और खोरठा ही है। खोरठा भाषा के विकास में श्रीनिवास पांडुरी जी का अहम योगदान रहा है।

आज उनका जन्म शताब्दी है इसलिए आज खोरठा दिवस के रूप में हम लोग उनका जन्म दिवस मना रहे हैं इस दौरान लोगों ने श्रीनिवास पांडुरी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित किया।

Share via
Share via