बहरागोड़ा में धूं-धूं कर जली स्लीपर बस: चालक की सूझबूझ से बची 32 यात्रियों की जान
बहरागोड़ा में धूं-धूं कर जली स्लीपर बस: चालक की सूझबूझ से बची 32 यात्रियों की जान
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बहरागोड़ा: जमशेदपुर से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर जा रही एक स्लीपर बस शनिवार रात भीषण अग्निकांड का शिकार हो गई। बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के मुड़ाकाटी चौक (NH-18) के पास ‘शांतिलता’ नामक बस में अचानक आग लग गई। गनीमत यह रही कि आग विकराल रूप धारण करती, उससे पहले ही चालक की सतर्कता के कारण बस में सवार सभी 32 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात जब बस NH-18 पर मुड़ाकाटी चौक के समीप पहुंची, तो चालक को बस के पिछले हिस्से से धुआं निकलने का अहसास हुआ। खतरे को भांपते हुए चालक ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और शोर मचाकर सो रहे यात्रियों को जगाया।
जैसे ही यात्री बस से नीचे उतरे, आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते ‘शांतिलता’ बस आग के गोले में तब्दील हो गई।
सामान जलकर हुआ राख
हालांकि इस हादसे में किसी भी यात्री को शारीरिक चोट नहीं आई, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को अपना सामान निकालने का मौका नहीं मिला। कई यात्रियों के कीमती कपड़े, दस्तावेज और अन्य सामान जलकर खाक हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हादसे के बाद फंसे हुए यात्रियों को प्रशासन और बस ऑपरेटर की मदद से दूसरी बस के जरिए वापस जमशेदपुर भेजा गया।
चालक की सूझबूझ
रात का समय और स्लीपर बस होने के कारण यात्री गहरी नींद में थे। अगर चालक ने थोड़ी भी देरी की होती, तो यह एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।

















