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सिमडेगा में नालसा (DAWN) योजना-2025 के तहत नशा मुक्ति एवं बाल विवाह उन्मूलन अभियान तेज

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की (DAWN) योजना-2025 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) सिमडेगा के निर्देश पर मंगलवार को जिले भर में नशा मुक्ति और बाल विवाह उन्मूलन को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। नगर भवन, पर्यटन स्थलों, ग्रामीण टोलों और आदिवासी बस्तियों में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों को इन सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया तथा शपथ दिलाई गई।

नगर भवन में “बाल विवाह मुक्त झारखंड” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पारा लीगल वॉलेंटियर (PLV) रेशमा कुमारी, सोनिया टोप्पो, सुरजीत प्रसाद, दीपक कुमार और विकास कुमार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहियाओं को नशा मुक्ति और बाल विवाह उन्मूलन के लिए शपथ दिलाई। वक्ताओं ने 강조 किया कि समाज से इन कुरीतियों को जड़ से खत्म करने में सेविकाओं और सहियाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे सीधे परिवारों और समुदाय से जुड़ी हुई हैं।

कोलेबिरा प्रखंड के पर्यटन स्थल श्री महादेव सारना मंदिर और बूढ़ा बांध में भी नशा मुक्ति एवं बाल विवाह विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां ग्रामीणों और मंदिर पुजारी को शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन PLV मदन दास ने किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में प्रभावी हैं।

इसी क्रम में केरसई प्रखंड के करमटोली राजस्व गांव अंतर्गत तुरी टोली एवं बिरहोर बस्ती में विशेष अभियान चलाया गया। PLV विष्णु प्रसाद, उपेंद्र कुमार और महिमा बेक ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम संचालित किया। वंचित वर्गों, तुरी समुदाय और लुप्तप्राय बिरहोर जनजाति को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक नुकसान तथा बाल विवाह के बच्चों पर दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया।

PLV सदस्यों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि दंडनीय अपराध भी। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों, दंड और पीड़ितों को मिलने वाली निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रमों में ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और नशा एवं बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने का संकल्प लिया। PLV सदस्यों ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे, ताकि सिमडेगा को नशा मुक्त और बाल विवाह मुक्त जिला बनाया जा सके।

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